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टिप्पणियों में उल्लिखित ग्रन्योंको संकेत-सूची
प्रत्यनाम
संकेत
ग्रन्थनाम
संकेत अने० ना० अ० आ. नि. आ० गो० क. गो० जी०
प्रवातिकाल प्रवचन० क्षे० प्रश० व्यो० बा० अणु बा० भा०
जी० चू जैनेन्द्र
त०
अनेकान्त नाममाला अन्य प्रति आचारांग नियुक्ति आरा प्रति गोम्मटसार कर्मकाण्ड गोम्मटसार जीवकाण्ट जीवाण चूलिका जैनेन्द्र व्याकरण ताडपत्रीय प्रति १ तत्त्वार्थवातिक दिल्ली प्रति १ दिल्ली प्रति २ धवला प्रति अभरारती ताडपत्रीय प्रति २ न्यायभाष्य न्यायबिन्दु टीका न्यायसूत्र परिभाषेन्दुशेखर परीक्षामुख
मूला मुलाचा० युक्त्य नु. यो०भा०
प्रमाणवातिकालंकार प्रवचनसार क्षेत्र प्रशस्तपादभाष्य व्योमवती टीका बारह अणुपेक्खा बार्हस्पत्य भाष्य मुद्रित प्रति (सर्वार्थसिद्धि) मूलाचार युक्त्यनुशासन योगभाष्य योगमूत्र रत्नकरण्डक विशेषावश्यक भाष्य विशद्धिमग्ग सन्मतितर्क समयप्राभूत सर्वार्थसिद्धि
तत्त्वा० दि०१ दि० २ धव०प्र० अ० ता. न्या० भा० न्यायबिन्दुटी०
योगसू
रत्न वि० भा० वि० म० सन्मति स०प्रा०
न्या०सू०
परिशेल प. मु. पा० पा०म०भा० पा० यो सू० पंच०
सर्वा० सिद्धद्वा० सौन्दर० सां०को०
सिद्धद्वात्रिंशत्का सौन्दरानन्द सांख्यकौमुदी
पातजल महाभाष्य पातञ्जल योगसूत्र पंचसंग्रह (श्वे.)
अध्याय
०००
पत्र पृष्ठ श्लोक
इलो
सू०
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