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________________ शब्दानुक्रमणिका नरकान्ता (भो ) एक महानदी ५।१२४ नरकालय = नारकियोंके विल ४।७० नरदेव (व्य) बलदेवका पुत्र ४८०६८ नरपति (व्य) राजा यदुका पुत्र १८७ नरवक्र ( व्य) आठवा नारद ६०१५४९ नरवर ( व्य) दृढरथका पुत्र १८१८ नरहरि (व्य) कुरुवंशका एक राजा ४५।१९ नर्मद (भो) देशका नाम १११७२ नर्मदा (व्य) वसुन्धरपुरके राजा विन्ध्यसेनकी स्त्री ४५।७० नर्मदा ( भो) एक नदी नलिनप्रभ(व्य) आगामी सातवा मनु ६०।५५६ नलिना (भी) मेरुको आग्नेय दिशामें स्थित एक वापी ५।३३४ नलिना (भौ) मेरुके ऐशानमें स्थित एक वापी ५१३४५ नलिनाग (पा) चौरासी लाख पद्मोंका एक नलिनांग ७१२७ नलिनी (भौ) पूर्व विदेहका एक देश ५।२४९ नलिनी(पा) समवसरणके चम्पक वनकी वापिका ५७१३४ नवनवम = व्रतविशेष ३४१९३ नन्दोत्तरा (व्य) रुचिकगिरिके स्वस्तिक नन्दन कूटपर रहनेवाली देवी ५।७०६ नन्द्यावत (भौ) सौधर्म यगलका छब्बीसवाँ इन्द्रक ६१४७ नन्द्यावर्त (भौ) रुचिकगिरिकी पूर्व दिशासम्बन्धी कूट ५७०२ नमस् = सावनका महीना ५५।१२६ नभस् (पा) अवगाह दानमें समर्थ आकाश ५८।५४ नभस्तिलक (भौ) वि. उ. नगर २२।९८ नमस्तिलक (भो) विजयागिरि का एक नगर ९।१३३ नमस्तिलक (भौ) एक नगर २५।४ नमसेन ( व्य) हरिषेणका पुत्र १७॥३४ नमस्या-नमस्कार, पूजा ४२१९ नमि (व्य) ऋषभदेवका गणधर १२०६८ नमि (व्य) इक्कीसवें तीर्थंकर १८५ नमि (व्य) भगवान ऋषभदेवके सालेका पुत्र ९।१२८ नमि (व्य) यादव ५०।१२१ नमुचि (व्य) अजाखुरीके राजा राष्ट्रवर्धनका पुत्र ४४।२७ नमुचि (व्य) उज्जयिनीके राजा श्रीधर्माका मन्त्री २०१४ नय (व्य) यादव ५०।१२१ नयनसुन्दरी (व्य) विशृंगपुरके सेठ प्रिय मित्रकी पुत्री ४५:१०१ नरकान्तक कूट ( भो) नील कुलाचलका छठा कूट ५।१०० नलिन (भौ) रुचिकगिरिका पश्चिम दिशासम्बन्धी कूट ५७१२ नलिन(भौ) पूर्व विदेहका वक्षार गिरि ५१२२८ नलिनगुल्मा (भौ)मेरुके ऐशान में स्थित एक वापी ५।३४५ नलिन (व्य) आगामी छठा मनु ६०१५५६ नलिनराज(व्य) आगामी आठवाँ ___ मनु ६०५५६ नलिनध्वज(व्य) आगामी नौवाँ मनु ६०१५५७ नलिन (भो) सौधर्म युगलका आठवाँ इन्द्रक ६।४५ नलिन(पा) चौरासी लाख नलि नांगोंका एक नलिन ७।२७ नलिनपुङ्गव (व्य) आगामी दसवाँ मनु ६०१५५७ नवमिका (व्य ) रुचिकगिरिके सौमनस कूटपर रहनेवाली देवी ५७१३ नवराष्ट्र ( भो) देशका नाम १११७० नवश्री(व्य) आगामी प्रतिनारा यण ६०५६९ नाग-भवनवासी देवोंका एक भेद ४।६३ नाग (व्य) दशपूर्वके ज्ञाता एक _आचार्य १२६२ नाग (भौ) सानत्कुमार युगल___ का तीसरा इन्द्रक ६।४८ नागकुमारादि = भवनवासी देव २२८१ नागपुर (भो) हस्तिनागपुर १७१६२ नागपुर (भो) हस्तिनापुर २०१२ नागमाल (भौ)पश्चिम विदेहका वक्षारगिरि ५।१३२ नागरमण (भो) मेरुका एक वन ५.३०७ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.001271
Book TitleHarivanshpuran
Original Sutra AuthorJinsenacharya
AuthorPannalal Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year2003
Total Pages1017
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Literature, & Story
File Size26 MB
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