Book Title: Tiloy Pannatti
Author(s): A N Upadhye
Publisher: Jaina Siddhanta Bhavana
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३६
तिलोयपक्षणती
चुलसीदीलक्खाणं णिरयषिला होति सबपुढवीसुं। पुढवि पडिपोक्त ताणं पमाणं परवेमो ॥२६॥
८४०००००। तीसं पणवीसं-चय पण्णरसं दस तिगिण होति लक्खाणि । पणरहिदेक लक्खं पंच य रयणे' पुढवीणं ॥२७॥ ३०००००० | २५००००० | १५००००० | १०००००० |
३०००००।८८८८५ ।५। सत्तमखिदिबहुमज्झे बिलाण सेसेसु अप्पबहुलतं । उवरिं हे? जोयणसहस्समुज्झीय हवंति पडालकमे (१) ॥२८॥ पढमादिबितिचउक्के पंचमपुढवीए तिचउक्कभागतं । अदिउगहा णिरयांबला तट्ठियजीवाण तिव्वदाघकरा ॥२९॥ पंचमि खिदिए तुरिमे भागे छट्ठीय सत्तमे महीए । अदिसीदा णिरयबिला तहिदजीवाण घोरसीदयरा ॥३०॥ बासीदि लक्खाणं उगहबिला पंचवीसदिसहस्सा। पणहस्तरि सहस्सा अदिसीदि बिलाणि इगिलक्खं ॥३१॥
८२२५००० । १७५००० । मेरुसमलोहपिंडं सीदं उरहे बिलंमि पक्खितं । ण लहदि तलप्पदेसं विलीयदे मयणखंडं व ॥३२॥ मेरुसमलोहपिंडं उणहं सीदे बिलम्हि पक्खित्तं । ण लहदि तलं पदेसं विलीयदे लवणखंड व ॥३३॥ अजगजमहिसतुरंगमखरोट्टमजारअहिणरादीणं । कुधिदाणं गंधेहिं पियरबिला' ते अणंतगुणा ॥३४॥ कक्खकवच्छुरीदो(?) खइरिंगाला तिक्खसूईए । कुंजरचिंकारादो णिरयबिला दारुण तमसहावा ॥३५॥ इंदयसेढीबद्धा पइण्णया य हवंति वियप्पा । ते सव्वे णियबिला दारुणदुक्खाण संजणणा ॥३६॥ तेरसएक्कारसणवसरापंचतिपक्क इंदया होति । रयणप्पहपहुदीलु पुढवीसु प्राणुपुवीए ॥३७॥
१३ । ११ । ९।७।५।३।१ ____L AS रयणोइ; 2 बिलाणि ; 3 पडन (१); 4S पुढवीय; 5 छठ्ठीए (१); 6 अदितीद (१), गणिरयविला (१); 8 चिकारादो (१)।

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