Book Title: Shwetambar Terapanth Mat Samiksha
Author(s): Vidyavijay
Publisher: Harshchandra Bhurabhai Shah

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Page 93
________________ श्वेताम्बर तेरापंथ-मत समीक्षा । २६ साध्वियों को पडदेके अन्दर लेजाकरके आहार करना, यह किस सूत्रमें कहा है ? । २७ प्रातः कालमें ऊठ करके, साधुओंने मक्खन तथा मिश्रि खाना, यह किस सूत्रका फरमान है ? | २८ साधु होकरके दिनभर चीकनी सुपारी खाया करना, यह किस सूत्रमें कहा है ? | २९ पुस्तकादिका बोझा साध्वियोंसे उठवाना, यह किस सूत्रमें कहा हैं ? ३० हाथ पैर साध्वियों से धुलवाना, यह किस सूत्रमें कहा है ? | ३१ गृहस्थानियोंके साथ, एकान्तमें बातें करना, यह किस सूत्रकी आज्ञा है ? ३२ तुम्हारे साधु, अपने दरशन करनेकी, गृहस्थों को बाधा देते हैं, यह किस सूत्रकी आज्ञासे देते हैं ? | ३३ तुम्हारे साधु, पोथी पुस्तक रखते हैं, यह किस सूत्रकी आज्ञासे ? | ३४ तुम्हारे साधु, पात्रको रंग-रोगान लगाकर रंग-बि रंग बनाते हैं, यह किस सूत्रकी आज्ञासे ? | ३५ तुम्हारे साधु, एक माससे अधिक रहते हैं, यह किस सूत्रकी आज्ञा से ? | ३६ महाजन (बनीया) के सिबाय दीक्षा नहीं देना, यह किस सूत्रकी आज्ञासे ? | ३७ तुम्हारे साधु, दो दो महीने पहिलेसे चौमासा कर नेको कह देते हैं, यह किस सूत्रके आधारसे ? । Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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