Book Title: Saddharma sanrakshaka Muni Buddhivijayji Buteraiji Maharaj ka Jivan Vruttant
Author(s): Hiralal Duggad
Publisher: Bhadrankaroday Shikshan Trust

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Page 9
________________ सद्धर्मसंरक्षक मुनि श्रीबुद्धिविजय (बूटेरायजी) महाराज का जीवन-वृत्तान्त जन्म और निवासस्थान पंजाब राज्य में नार्दरन(उत्तरी) रेलवे की मेन लाईन पर सरहिंद-बसी नाम का एक छोटा स्टेशन है । जो अम्बाला से ३८ मील उत्तर-पश्चिम की ओर तथा लुधीयाना से २८ मील दक्षिण-पूर्व की ओर है। सरहिंद-बसी से पाँच-छह मील की दूरी पर दलुआ नाम का एक गाँव है। यह गाँव लधीयाना की ओर बलोलपुर से सात-आठ कोस दक्षिण की तरफ है । इस दुलूआ गांव में एक सरपंच-चौधरी (गाथापति) जमींदार जाट रहता था। उसका नाम टेकसिंह था । वह सिख धर्मानुयायी सरदार था, उसका गोत्र गिल-झली था। उसकी स्त्री का नाम कर्मो था । वह जाँगलदेश में १. जाँगल प्रदेश - पंजाब में सतलुज नदी के इलाके का दक्षिणी भाग तथा इससे संलग्न हरियाणा के इलाके को 'जागल प्रदेश' (अरण्य-हरियाणा) कहा जाता है। वर्तमान संगरूर जिले में जोधपुर नाम के दो बड़े गाँव हैं। एक सुनाम के पास तथा दूसरा बरनाला के पास है। सरहिंद-बसी तथा जोधपुर ये दोनों गाँव पहले रियासत पटियाला में थे। Shrenik/DIA-SHILCHANDRASURI / Hindi Book (07-10-2013)/(1st-11-10-2013) (2nd-22-10-2013) p6.5 [1]

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