Book Title: Parashar Smruti Part 02
Author(s): Madhavacharya, Chandrakant Tarkalankar
Publisher: Asiatic Society
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( १८ )
विषयः। यतेः पुनर्गाईस्थाखौकारे प्रायश्चित्तम्
एछे। ४३८
यावककृच्छ्रलक्षणम्
४७०
३५४
युगप्रवत्तधर्माचरणाभ्यनुज्ञानम् ... योनखरूपम् ... ... यौगिकखानम् ... ...
रजसलयोरन्योन्यस्पर्णे प्रायश्चित्तम् ... १२२ रजखलयोरच्छिश्योरन्योन्यस्पर्शे प्रायश्चित्तम् ..... १२५ रजखलागमनप्रायश्चित्तम् ... ... २०१ रजखलामरणे विशेषः ... ... ... १३१ रजखलाया उच्छिष्टदिजस्पर्थे प्रायश्चित्तम् ... रजस्खलाया नियमाः ... ... ... १२६ रजखलाया बन्धुमरणश्रवणादौ प्रायश्चित्तम् ... १२६ रजखलाया भोजनकाले चण्डालदर्शनप्रायश्चित्तम् १२५ रजखलाया भोजनकाले रजखलाऽन्तरदर्शने प्रायश्चित्तम् १२५ रजखलाया मतादिस्पर्शपूर्बकभोजनप्रायश्चित्तम् १२५ रजखलायाः प्रवादिस्पर्शप्रायश्चित्तम् ... १२५ रजखलायाश्चण्डालादिस्पर्श प्रायश्चित्तम् रजखलायाः श्वादिदंशनप्रायश्चित्तम् रजखलोदाइनिन्दा ... ... रजखलोहाहप्रायश्चित्तम् .... ... रजोनिमित्ताशुद्धिः ... रजोनिमित्ताशुद्धौ विशेषः
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