Book Title: Digambar Jain Granth Bhandar Kashi Ka Pratham Gucchak
Author(s): Pannalal Choudhary
Publisher: Pannalal Choudhary

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Page 323
________________ नवीन छपे ग्रंथ। मोक्षमार्गप्रकाशक-पंडित प्रवर टोडरमल जी विरचित " जैन धर्मके रहस्यका अनुपम ग्रन्थ - शास्त्राकार खुले पत्र मृश्य ५) प्रथमगुच्छक-१९ संस्कृत ग्रंथों व स्तोत्रों का संग्रह कपड़ेकी पक्की जिल्द पृष्ठ ३२० मू० १॥) शांतिसोपान-- ग्रंथोंका भाषाटीका सहित- संग्रह ... प्रष्ठ ११२ - मूस्य ) जागतीज्योति-अहिंसा व नीति विषयक उत्तमोत्तम । ... लेखोंका संग्रह पृष्ठ ६८ मूल्य ।) भावनाभवन-उत्तम धार्मिक कविताओंका संग्रह .. पृष्ठ ३२ . मल्यो श्रीसुदृष्टि तरंगणी -(गृहस्थोंके आचारका अनुपम ग्रन्थ, छप रहे हैं) मंगानेका पत्तापन्नालाल चौधरी भदैनी, काशी। 1

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