Book Title: Apbhramsa aur Hindia me Jain Rahasyavada
Author(s): Vasudev Sinh
Publisher: Samkalin Prakashan Varanasi

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Page 317
________________ ३०२ अपभ्रंश और हिन्दी में जन-रहस्यवाद 7. Mysticism and Logic - Bertrand Russell, Penguin Books, Reprinted 1954. 8. Mysticism in Maharashtra-R. D. Ranade, Aryabhushan Press Office, Poona - 2, Ist Edition, 1933. 9. Mysticism-Evelyn Underhile, Mathuen and Co. Ltd., London, 1957. 10. Obscure Religious Cults-Dr. Shashibhushan Dasgupta, University of Calcutta, 1946. 11. Religious Consciousness-J. B. Pratt. 12. Samayasar of Kundakunda-Edited by Prof. A. Chakravarti, Bhartiya Jnanapitha, Kashi, Ist Edition, May 1950. 13. Shakti and Shakta-Sir John Woodroffe, Ganesh & Co. (Madras) Ltd. Madras- 17, Fourth Edition 1951. 14. Theory and Art of Mysticism — Radhakamal Mukerjee. कोष और खोज विवरण १. जिन रत्न कोष - हरि दामोदर बेलनकर, भंडारकर चोरियन्टल रिसर्च इन्स्टीट्यूट, पूना, १९४४ । २. पाइप्रस महण्णवो – पं० हरगोविन्ददास त्रिकमचंद सेठ, प्रथम संस्करण, कलकत्ता, १९२८ । 3 ३. राजस्थान में हिन्दी के हस्तलिखित ग्रन्थों की खोज ( प्रथम भाग ): मोतीलाल मेनारिया, हिन्दी विद्यापीठ, उदयपुर, सन् १९४२ । ४. राजस्थान में हिन्दी के हस्तलिखित ग्रन्थों की खोज (तृतीय भाग) उदयसिंह भटनागर, साहित्य संस्थान, राजस्थान विश्वविद्यापीठ, उदयपुर, सन् १९५२ । ५. राजस्थान में हिन्दी के हस्तलिखित ग्रन्थों की खोज ( चतुर्थ भाग ) अगरचन्द नाहटा, साहित्य संस्थान, राजस्थान विश्वविद्यापीठ, सन् १९५४ । ६. राजस्थान के जन शास्त्र भांडारों की ग्रन्थ सूची ( भाग २ ) - सं० श्री कस्तूरचन्द कासलीवाल, श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र महावीर जी, महावीर पार्क रोड, जयपुर । ७. राजस्थान के जैन शास्त्र भांडारों की ग्रन्थ सूची (भाग ३) - सं० श्री कस्तूरचन्द कासलीवाल, जयपुर, वि० सं० २०१४ | ८. हस्तलिखित हिन्दी ग्रन्थों का पन्द्रहवां त्रैवार्षिक विवरण, (खोज रिपोर्ट सन् १९३२-३४) नागरी प्रचारिणी सभा, काशी । i ९. हस्तलिखित हिन्दी ग्रन्थों का सोलहवाँ त्रैवार्षिक विवरण ( खोज रिपोर्ट सन् १९३५-३७ ) नागरी प्रचारिणी सभा, काशी । १०. हस्तलिखित हिन्दी ग्रन्थों का सत्रहवां त्रैवार्षिक विवरण ( खोज रिपोर्ट सन् १९३८-४० ) नागरी प्रचारिणी सभा, काशी । -

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