Book Title: Anusandhan 2007 01 SrNo 38
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad

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Page 76
________________ जान्युआरी-2007 माहिती - २ नवां प्रकाशनो (१) उपदेशमाला कर्ता : श्रीधर्मदासगणि; टीका : हेयोपादेया कर्ता : श्रीसिद्धर्षिगणि; सं. आ. विजयप्रद्युम्नसूरि; सम्पादनसहयोग : साध्वी चन्दनबालाश्री; प्र. श्रुतज्ञान प्रसारक सभा, अमदावाद, सं. २०६२; मूल्य रू. १५०/ विभिन्न ६ हाथपोथीओना आधारे पुनः सम्पादित करीने आ टीका प्रकाशित करवामां आवी छे. आ ग्रन्थ (टीकाग्रन्थ) पूर्वे प्रकाशित थयेल होवानो 'सम्पादकीय' लखाणमा उल्लेख छे, पण कोणे अने क्यारे ते सम्पादन/ प्रकाशन करेल छे, तेनो निर्देश नथी. ते प्रकाशनमां रही गयेल त्रुटिओ-अशुद्ध अथवा त्रुटित पाठो-नुं संशोधन आ सम्पादनमा करवामां आव्युं छे, ते आ प्रकाशननी महत्त्वपूर्ण विशेषता छे. जो आवा पाठसंशोधननां एक-बे उदाहरणो सम्पादकीय निवेदनमा क्यांक दर्शावायां होत तो विशेष प्रतीतिकर बनत. पाछळ मूकेला ४ परिशिष्टो ग्रन्थनी उपयोगिता वधारी दे तेवां छे. तेमां चोथा परिशिष्टमां आना पूर्व-प्रकाशननी माहिती नोंधी छे. (२) Catalogue of the Jain Manuscripts of the British Library : Vol. 1,2,3. by Nalini Balgir, K.V.Sheth, K.K.Sheth, C.B. Tripathi. प्रका. The British Library & The Institute of Jainology, London, 2006. ब्रिटिश लायब्रेरी, ब्रिटिश म्यूजियम तथा विक्टोरिया एन्ड अल्बर्ट म्यूजियम, लण्डन-स्थित आ बधी संस्थाओमां संग्रहायेल जैन ग्रन्थोनी हस्त-प्रतिओनुं विस्तृत अने वर्णनात्मक सूचिपत्र आ त्रण ग्रन्थोमां उपलब्ध थयेल छे. २५४ पृष्ठनो प्रथम भाग, सूचिपत्रगत प्रतिओ विषेनी दस्तावेजी जाणकारी पूरी पाडे छे. तेमां प्रारम्भे १६ प्लेट्स पण आपेल छे, जेमां ते संग्रहगत सचित्र प्रतोमांथी पसंद करेल चित्रो छापेल छे. उत्तम मुद्रण केवु होय तेनो आ जोतां ख्याल आवे. आ भागमा हस्तप्रतो, संक्षिप्त सूचिपत्र पण आप्युं छे अने तेनां विविध वर्गीकरणो, Tables वगेरे पण छे. कोई कुशल अभ्यासी द्वारा आनी समीक्षा कराववानुं मन थाय छे. भाग २ मा ४९१ भाग ३ मां ५३२ पानां छे. बीजो भाग आखो तथा भाग ३नां ३३२ पानां श्वेताम्बर साहित्य माटे रोकायां छे. त्यार पछीनो अंश दिगम्बर साहित्य माटे रोकायेल छे. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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