Book Title: Agam 01 Acharang Sutra Hindi Anuwad Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar Publisher: Dipratnasagar, Deepratnasagar View full book textPage 3
________________ आगम सूत्र १, अंगसूत्र-१, 'आचार' श्रुतस्कन्ध/चूलिका/अध्ययन/उद्देश/सूत्रांक ४५ आगमवगीकरण सूत्र क्रम क्रम | आगम का नाम आगम का नाम । सूत्र २५ | आतुरप्रत्याख्यान पयन्नासूत्र-२ २७ ०१ | आचार ०२ | सूत्रकृत् ०३ स्थान ०४ समवाय ०५ भगवती ०६ | ज्ञाताधर्मकथा पयन्नासूत्र-३ पयन्नासूत्र-४ पयन्नासूत्र-५ पयन्नासूत्र-६ पयन्नासूत्र-७ २६ । महाप्रत्याख्यान भक्तपरिज्ञा २८ | तंदुलवैचारिक २९ । संस्तारक ३०.१ गच्छाचार ३०.२ चन्द्रवेध्यक ३१ | गणिविद्या ३२ देवेन्द्रस्तव ३३ । वीरस्तव निशीथ पयन्नासूत्र-७ उपासकदशा ०८ | अंतकृत् दशा ०९ | अनुत्तरोपपातिकदशा १० प्रश्नव्याकरणदशा अंगसूत्र-१ अंगसूत्र-२ अंगसूत्र-३ अंगसूत्र-४ अंगसूत्र-५ अंगसूत्र-६ अंगसूत्र-७ अंगसूत्र-८ अंगसूत्र-९ अंगसूत्र-१० अंगसूत्र-११ उपांगसूत्र-१ उपांगसूत्र-२ उपांगसूत्र-३ उपांगसूत्र-४ उपांगसूत्र-५ उपांगसूत्र-६ उपांगसूत्र-७ उपांगसूत्र-८ उपांगसूत्र-९ उपांगसूत्र-१० उपांगसूत्र-११ उपांगसूत्र-१२ पयन्नासूत्र-१ पयन्नासूत्र-८ पयन्नासूत्र-९ पयन्नासूत्र-१० छेदसूत्र-१ छेदसूत्र-२ छेदसूत्र-३ १४ छेदसूत्र-४ ३८ जातक छेदसूत्र-५ १६ बृहत्कल्प व्यवहार ३७ । दशाश्रुतस्कन्ध जीतकल्प ३९ । महानिशीथ ४० । आवश्यक ४१.१ ओघनियुक्ति ४१.२ | पिंडनियुक्ति दशवैकालिक ११ | विपाकश्रुत १२ औपपातिक १३ राजप्रश्चिय | जीवाजीवाभिगम १५ | प्रज्ञापना सूर्यप्रज्ञप्ति १७ चन्द्रप्रज्ञप्ति १८ जंबूद्वीपप्रज्ञप्ति १९ निरयावलिका २० | कल्पवतंसिका २१ पुष्पिका २२ | पुष्पचूलिका २३ | वृष्णिदशा २४ | चतुःशरण छेदसूत्र-६ मूलसूत्र-१ मूलसूत्र-२ ४२ ४३ | उत्तराध्ययन | नन्दी अनुयोगद्वार मूलसूत्र-२ मूलसूत्र-३ मूलसूत्र-४ चूलिकासूत्र-१ चूलिकासूत्र-२ मुनि दीपरत्नसागर कृत् “(आचार) आगमसूत्र-हिन्द-अनुवाद" Page 3Page Navigation
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