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________________ उमाचक्रमा • बाबत कमाल व कंता. म्हारा पा साध की नीसस्था | तिमापन नीकल्प उ स्नां संताय क्रम गुरुकुलातू रण महावीर हर सामांत दिया। समणील गमावावंदा मजा दिवा ॥ पिया एंविदाक्यातथामी समालियामा तामा कमाणवकेाणख वक्त उदेंत महावकमा अवकता यहां उप्पा एसएधारा अरहा जिणांक वलीसविता कश विकमावते भिवपणन गर्भगायाम इमालिश्रागारं एवं वदा सिपाखलमा लोकच लिम्मा वादासले सिवा । घनं सिवाधूनं दिपांच मंद्रमाला उपमापासध वक्रमाकांताताएं इमा शैदावा गरणा इंवा गार हिंसा सातालापनमाली सामाताला येऊमाली समाजी विद्रमाली सासात जीवनमाली । वातणं सिमालीगार गवया गातामा पात समा संकितेक खितिज्ञावकनु ससमा वाम जा तथा शिदा बाणा सेवा पतिलगशता गाथ मस्मकि विविधामारकमाइ स्किन सिणीए में विद्वेति। जमा ली तिस मा लगवै महावारिंज " किंवि० काशी विश्रमोक्ष उत्तर कही न सका 9911 प्रावरिजश्वा०द्या ईषत्वमिवाश्रव विश्वावारिज्ञश्वाज णिवारिजश्वा०निन वातप्रति श्रद्धा किवलीत विता कवलिय - इति २४ा
SR No.650016
Book TitleBhagavati Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year1539
Total Pages1168
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size575 MB
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