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________________ रजाल ईनिमम इको इन जाए जाने को मंच नमाजेद नीटी शेट्न हुई अनंतना वो कप उकरी राजा हो तो मुनई मुनी रुपली नली जिदी जी विरकटन कमशरदोहारी जेभ्वको तिजे राजाप राजा कददमादा नागोतमो मततली के तज मी शिवानज्योती साथी नीकली श्री संत गुरुच्यादिपद सिरिया नाईकन पद्दी से कोस्मादात त्या पोतानी सभी मोकलीसिया तिवरेसी रिम सर्वदा तम देवी सालाजी एट्ने चंद्रदासमदर रितेीमामा मामी मदते राजा नावज्ञकिन इश्कवरची नाणीदा की ज्यो भोजाइनास नीतिको मनोला बी तेल नली स्त्री मा एसीग्रोभाइकी सोशविवदोक स्पानजाई तेजातात्मः इमदादीची सत्या चाउरिरद्वानी मागी जिसाहनी गुफानी याज्ञामागी गुरेसी बूदीन दिनों कुल निमा रोमा धन्या धर्मा नदी से उया सरोमाग्यो तिहारेको स्पार्क है देनाथ स्तु विस्तृतथइ एलए मरदातो तेनीवार प्रसारः नववेक विज्ञानक नार निर्वादि: चार चीनी चित्रसाली इतिवार शामली दिसालीरा नित्यबट द्विगमपार एकर झाको पानीसरा काम नबनो तर समगुरुन द्या की करी लाव्यातदार एक - 7 पासश्रा। ना दिएछ ना। लीवरी हासन दाबी को नदी नारदाद्व कालच्यालो तिरसतगुरु रानीच्या मागीन अग्यानचेस्पानघरे मामानी किम मोकजीमलर बिचारीने को स्थान छूराज्ञा जीवन नदिएकोप्यानें जूता दिनेहर सर्वतमा बानिवारेमनी कहै। मायायो मुथूकी साबित हाथवेग चोमा सोकरी बेपान शुरुको एदनको नदी यतः स्याददेसी गुफा दासीसा सूली मम निस्तरतमा काम जिगामादरात प्रतिदोषश्रीमुनी पुरक इ-दो मासे मुफन इको स्पाने घरे व चित्ववीजका रोसान घरेोमासोजाद।। दिपा वाजाय दोनही गुरेघ तो दिए । अनि मानवद्यो बुक्काको पानी को पाने घर जलानदीको तिहार उनकोपा नोयतीतद् में घरे चो मासैरयो । विदागीत ग्यानदानादेवी मनोनयन दर मजालीपा जोजोका साधनतूक है । जिहाथी स्याहू वेश्याको निशल देशनो राजा । इसामने शरन्त केवल देव इस इक्विन नीरा करी गुरासे आज्ञा मार्गी पुरेव आता देखीन वोली प्रहार इन जो इस दातो अंगीकार करी व श्रीकालन गाने कल देश जइतिदाना राजा पास इरो ढक टर कंबल आालीन वको छुपानेंच्या शोते हवे ते रत्न कंवलसादेवाता मलमूत्रनस्यान्ि तदर्णमादी देते स कहो अरेनागलीस्कर इमलनकोपाइको नगीयो मोसोहि का जोनूनी रत्नदिपम त्रिले विषय सीयारामादिकाइना मारोवार लसरी होते मादित्यो रात्रि का इन स्वनप्रतिको मनमादपुर नागी विषय के चारित्रम लोकविजय सीयादिरुन गेला गोमा जोयाली स्वामी एन करइएका र एनिमल मादा मात्र कनोसेनवडे तेरा सह रिसद सीतामं सर्वश्री दरियाव सिर अ०जीतन गा० कर लेवे ते या मन दिइन० मा विदालीमा मोरास इतिस्त्री रि ए०कलो जरा गछेवर रुतदिदा रकरे। श्रीसदागाराप्रमुनी करम जेवन गरने दिन रा०राजस्थानी मोरनी अतिनू वीस 335 मामेवा नगरेवा निगमेवा राम काम ब मरीजेनेसी गुफादासी सदनसलो निमउत्तम साक्ष नैनकर सदन रिली कर
SR No.650014
Book TitleUttaradhyayana Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages248
LanguagePrakrit, Marugurjar
ClassificationManuscript & agam_uttaradhyayan
File Size138 MB
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