________________ जयन्ती प्रकरण- वृतिः / S**** // 12 // * तो रूवाइगुणेहिं बद्धाई तस्स नयणकमलाई / ताणमणुकंपासत्तो जोतारो कन्हसारोवि? // 13 // तीए करचरणेसु असोय- दृष्ट्वा तां || कुसुमारणेसु नरवइणो / रत्तोप्पले व अहरे दिट्ठी भमरि व संलीणा // 132 // तीए कजलकुरुलीकुडिलालयलोहसंकलाबद्धो / चण्डप्रद्यो राय मणोवि न धणियं कविचावललीलमावहइ // 133 // लावनामयकुंभीए तीए अइलुद्धनागललियंमि / दिढे वेणिदंडे तस्य मृगारनो मुच्छंगओ अप्पा // 134 // सुरसरिपुलिणमहत्थललीलनियंबंमि मंदगइगमणो / सिग्धं राया कहमवि न पेच्छए वतीभोगतीए परमागं // 135 // मीणोवमोयरीए तीए रूवम्मि अणिमिसच्छम्मि / उवचंते हुति य उक्कलिया माणसे वाञ्छा। तस्स // 136 // उसीजुत्वणमोहणवल्लीघणकंदसिहिणदेहीए / मृढो अमग्गगामी एवं चिंतेइ सो राया // 137 // कह पढमदंसणे मह मियहासवियासिदसणकिरणेहिं / सा वियरिस्सइ चंदणमिस्सियकुसुमंजलीअग्धं // 138 // मुहइंदुचंदिमाए तीए मह कुवलयाभनयणाण | संभाविजइ कइया वियासणामोयसंभारो // 139 // सुपसायखीरसायरलहरिसरिच्छेहि दिद्विच्छोहेहिं / न्हविऊण कया सा में करिस्सए समियसंता ? // 140 // संगमरसेण सिचे पमयारामम्मि पल्लविजंते / मह तंसि कया होही ? सिरीससुकुमारफंससुहं // 141 // किं बहुणा ? / चित्तयरचित्तदसणगुरुवन्नणकन्ह- 11 कालकूडेण / कजाकजविवेयणचेयणरहिओ निवो जाओ / / 142 / / अहवा दुल्लहइच्छा अणग्गिचुडुली अबंधणा गुत्ती / जीवाणं जंबालं अजलं मरणं सउस्सासं // 143 // एत्थंतरम्मि अवराभिमुहो सूरोवि तेयपरिहीणो / नीयं नीयं ठाणं जन्तोऽदट्टव्वयं पत्तो // 144 // रयणीए सयलोवि हु मियावइउम्माहराहुगसियंगो। दोसाकरोत्ति राया सुहासियं धरइ न हु| 1 तस्यां / 2 उल्मुक। 12 // ***** * *