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जंबूद्वीप संघयणी
प्रकरणम्
॥ ५० ॥
खंडाईगाहाहिं, दसहिं दारेहिं जंबुद्दीवस्स । संघयणी समत्ता, रइया हरिभदसूरीहिं ॥ ३० ॥
अर्थ—इस तरह (खंडाई गाहाहिं ) खंडादिकोकी गाथा ये (दसहिं दारेहिं ) दशद्वारकरके ( हरिभद्दसुरीहिं ) श्रीहरिभद्रसूरिजी महाराजने ( रइआ ) रचि है एसी (जंबुद्दीवस्स ) जंबुद्वीप आश्रीकी ( संघयणी समत्ता ) लघुसंघयणी नामका प्रकरण समाप्त हुआ ॥ ३० ॥
भावार्थ – एसे श्रीहरिभद्रसुरि महाराजने यह लघुसंघयणी नामका प्रकरण जिसमें जंबुद्वीपके शास्वते खंडादिकोका विवरण दशद्वार करके रचा समाप्त किया ॥ ३० ॥ इत्यलम् ॥
॥ इति लघुसंघयणी प्रकरणम् ॥
अर्थसहितम्
।। ५० ।।