________________
28
Www
488 पंचमांग विवाह पण्णत्ती (भगवती) सूत्र
१६९. छक्क बारे चौरासी प्रमार्जित २४१९ । ७०० सोलवा उद्देश-बेन्द्रियकी उत्पत्तिका २६३०
२१ एक्कीसवे शतक के सात वर्ग एकेक बर्ग के । ७.१ अठारवा उद्देश-तेन्द्रियकी उत्पत्तिका २६३१ दश २ उद्देशे धान्य का तण का कथन हैं २५११ ७०२ उन्नीसवा उद्देशा-चौरिन्द्रयकी उत्पति२६३२) १२२ बावीसवे शतक छ वर्ग एकेक वर्ग के दश ७०३ बीसवा उद्देश-पंचइन्द्रिय की उत्पत्ति २६३३) उद्देशे तालादि वृक्षों का बलीयों का कथन २५२१ ७०४ इक्कीसवा उद्देश-मनुष्योत्पत्ति का २६५६
२३ तेवीसवे शतक के छ वर्ग एकेक वर्ग के दश ७०५ बावीसवा उद्देशा-वाणव्यतर देवका २६७१ उद्देशसाधारण वनस्पति आलु आदिका कथन२५२७ ७०६ तेवीसवा उद्देशा-ज्योतिषी देवका २६७४
चउबीसवा शतक का प्रथमोद्देशा. ७०७ चौवीसचा उद्देशा-वैमानिक देवका ३६७९ ६९१ नरक में उत्पन्न होनेवाले जीवों का
२५ पच्चीसवा शतक विविध वर्णन
२५३१ १९९२दूसरे उद्देशे में असुरकुपार में उत्पन्नका२५७७ ७०८ प्रथम उद्देशा-१४ प्रकार जीवजघन्यो२६९२ ६९३ तीसरे उद्देशे में नाग कुमार का २५८९ ७०९ दूसरा उद्देशा-जीवअर्जीव द्रव्यका ६९४चौथे से इग्यारखे उद्देशेतक७ भुवनपति २५९५
उपभोग
२७०० ६९५ बारवा उद्देश में पृथ्वी काया उत्पत्ति २५९५ ७१. तीसरा उहेशा-पांच संस्थानोका कथन ६९६ तेरवा उद्देशे में अपकाया उत्पत्तिका २६२८
आकाशप्रदेश श्रेणिका,द्वादशांगीका २७० ६९७ चउदवा उद्देशे में तेउकाया उत्पत्ति २६२८ ७११ चौथे उद्देशे मे.कृत्युग्मादिका कथन
६९८ पन्दरवा उद्देशे में वायुकाया उत्पत्ति२६२९ सेयनिरेय, प्रमाणुसंख्या, द्रव्यादि १६९९ सोलवा उद्देशा-वनस्पति उत्पत्तिका २६२९
अल्पाबहुत्व
ago विषयानुक्रमाणका 48
+