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१११पंचमांग विवाह पण्णत्ति ( भगवती ) सूत्र
की। सात नारकी प्रवेशन से सात नरक में उत्पन्न होवे जिस के भांगे निकालने की रीति ॥ ___ पद.
विकल्प.
। भांग. १७४-७+-७ असंयोगी | असंयोगी विकल्प १. ७४१७ असंयोगी १७४६%D४२+२=२१ द्विपयोगी -१६१६ द्विसंयोगी २१x६=१२६ द्विसंयोगी
100 २१४५%D१०५+३=३५ तीनसं०६४५=३०+२= १५ तीन सं०३५४१५:५२५ तीन सयोगी ३५४४=१४+४=३५ चारसं०१०x४६०३-२० चार सं० | ३०४२०-७०० चार संयोगी १३५४३%D१०५+५=२१पांचसं० २०४३-२०१४-१५ पांच मं० २१४१५=३१५ पांच संयोगी २१४२-४२+8= ७छयोगी १५४२=३०५-६ छ सं० x६=४२ छ योगी ७.१%D9+७=१ सातमयोगी 8x१-६६=१ सात संयोगी १४१%D१मात योगी २२७
____ १७१६ पद और विकल्प का गुनाकार करने से भांगे होते हैं.
पद का कोठा. अयोगी ७.
द्विसंयोगी २१२३२७३७ तीर सं. ३५.१३६ १४६ १६७२३७२५६३४६/३६७५६७
१५ २४३४४५२२ २६.३.१४७, ३४२४५२५७३४७४५६ १-२-३ ४-५-६-७
१६ २५३५४६/६७१२४ १२७१३७.१५६२३५२४६२६७३५६४५७ |१७ २६३६/४७/१२८/१३४१४५१५७२३६२४७३४५/३५७४६७
48848नववा शतकका बसीसवा उद्देशा-4200
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