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________________ विविध पूजन संग्रह ॥ १४२ ॥ (१७) यंत्र संस्कार : अगर पूजन में यंत्र की स्थापना की हो तो उसका संस्कार निम्न अनुसार करना :प्रथम :- दूध से पक्षाल करना । दूसरा :- पानी से पक्षाल करना । तीसरा :- अंगलूछन से साफ करना । चोथा :- थाली में रखकर पूजा के द्रव्यों से पूजन करना (पूजना) (१८) श्री पद्मावती पूजन :प्रथम नीचे लिखा मंत्र बोलकर (तीन बार ) आह्वान करना : "ॐ ह्रीं नमोस्तु भगवती पद्मावती एहि एहि संवोषट्" फिर निम्न मंत्र बोलकर (तीन बार) उनकी स्थापना करना :"ॐ ह्रीं नमोस्तु भगवती ! पद्मावती ! अत्र तिष्ठ तिष्ठ ठः ठः" फिर निम्न मंत्र बोलकर (तीन बार) उनका सन्निधिकरण करना :"ॐ ह्रीं नमोस्तु भगवती पद्मावती मम सन्निहिता भव भव वषट्" फिर निम्न मंत्र बोलकर (तीन बार) पूजन प्रारंभ करना :"ॐ ह्रीं नमोस्तु भगवती पद्मावती इमां पूजां गृहाण गृहाण स्वाहा" . श्री पार्श्व पद्मावती महापूजन विधि ॥१४२॥ Jain Education international For Personal & Private Use Only
SR No.600250
Book TitleVividh Pujan Sangraha
Original Sutra AuthorChampaklal C Shah, Viral C Shah
Author
PublisherAnshiben Fatehchandji Surana Parivar
Publication Year2009
Total Pages266
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript
File Size21 MB
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