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सुररइयाणिगुवीसा मणिमयसीहासणं सपयवीढं १६ । छत्तत्तय १७ इंदद्धय १८ सियचामर १९ धम्मचक्काई २० || ४४५ ॥ सह जगगुरुणा गयणट्ठियाई पंचवि इमाई वियरंति । पाउब्भवइ असोओ २१ चिट्ठइ जत्थप्पह तत्थ ॥ ४४६ ॥ चउमुहमुत्तिचकं २२ मणिकंचणताररइयसालतिगं २३ । नवकणयपंकयाई २४ अहोमुहा कंटया हुति २५ ॥ ४४७ ॥ निच्चमवट्ठियमित्ता पहुणो चिट्ठेति केसरोमनहा २६ । इंदिय अत्था पंचवि मणोरमा २७ हुंति छप्पि रिक २८ ॥ ४४८ ॥ गंधोदयस्स बुट्ठी २९ बुट्ठी कुसुमाण पंचवन्नाणं ३० । दिंति पयाहिण सउणा ३१ पहुणो पवणोऽवि अणुकूलो ३२ ॥ ४४९ ॥ पणमंति दुमा ३३ वज्र्जति दुंदुहीओ गहीरघोसाओ ३४ । चउतीसाइसयाणं सबजिणिंदाण हुंति इमा ॥ ४५० ॥ ४० द्वारम् ॥
अन्ना १ कोह २ मय ३ माण ४ लोह ५ माया ६ रई ७ य अरई ८ य । निद्दा ९ सोय १० अलियवयण ११ चोरिया १२ मच्छर १३ भया १४ य ॥ ४५१ ॥ पाणिवह १५ पेम १६ कीलापसंग १७ हासा १८ य जस्स इय दोसा । अट्ठारसवि पणट्ठा नमामि देवाहिदेवं तं ॥ ४५२ ॥ ४१ द्वारम् ॥
जिणनामा नामजिणा केवलिणो सिवगया य भावजिणा । ठवणजिणा पडिमाओ दबजिणा भाविजिणजीवा ॥ ४५३ ॥ ॥ ४२ द्वारम् ॥
सुमइत्थ निश्चभत्तेण निग्गओ वासुपूज्ज [जिणो] चउत्थेण । पासो मल्लीवि य अट्ठमेण सेसा उ छट्ठेणं ॥ ४५४ || ४३ द्वारम् ॥ अट्ठमभन्त्तवसाणे पासोसहमल्लिरिट्ठनेमीणं । वसुपुज्जस्स चउत्थेण छट्ठब्भत्तेण सेसाणं ॥ ४५५ ॥ ४४ द्वारम् ॥ निवाणं संपत्तो चउदसभत्तेण पढमजिणचन्दो । सेसा उ मासिएणं वीरजिणिंदो य छट्ठेणं ॥ ४५६ ॥ ४५ द्वारम् ॥
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