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गाथारः पत्रम् ५०८ ९३ ४८५ ८९
गाथानामकारादि
३६० ६७
गाथायाः प्रतीकम् भावेसणा उ तिविहा भिक्खदगसमारंभे मिक्खाइ गओ रोगी भिक्खाई वच्चंते भिक्खागाही एगत्थ भिक्खामिते अविया० भिक्खू जहन्नगंमी भिक्खे परिहार्यते मुंजण अजीरपुरिम० भुजंति चितकम्म भुजंती आयमणे भूमाइएमु तं पुण मंगलहे पुन्नट्ठया
गाथाङ्कः पत्रम् | गाथायाः प्रतीकम्
मंडलपसूतिकुट्ठी ३१९ ६० मंसवससोणियासव ४५७ ८४ मइमं अरोगि दीहा. ४३० ८० मइलिय फालिय २८४ ५५ मच्छियधम्मा अंतो ५९७ १०७ मज्जारखइयमंसा ३५८ ६७ मज्झिमनिद्धे दो
३६ ९१ मत्तेण जेण दाहिद ३३९ ६४ मयमाइवच्छगंपिव
महईए संखडीए ५८७ १०५ मा एयं देहि इमं पुढे ५६६ १०२ मा काहंति अवणं २९० ५६ । मा ताव झंख पुत्तया
गाथाः पत्रम् । गाथायाः प्रतीकम् ६०० १०८ मा ते फंसेज कुलं ५३९ ९७ मायपिद पुवसंथव ४१३ ७६ मायावी चडुयारी ३२१ ६१ मालंमि कूडे मोयग ३०२ ५८ मालाभिमुहं दट्ठण
| मालोहडंपि दुविहं
मासियपारणगट्ठा ५६५ १०२ मिच्छत्तथिरीकरणं ४४४ ८३ मीसज्जायं जावंतियं २२८ ४५ मुत्तदविएसु जुजब २३७ ४७ रयणपईवे जोई २३९ ४७ रस कक्कब पिंडगुला २८६ ५६ । रसभायणहेउं वा
२०९ ४४७ ८३ २७१
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