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________________ गाथाङ्कः पत्रम् ३५४ ६६ ४३७ ८१ गाथानामकारादिक्रमः। गाथायाः प्रतिकम् जं दवं उदगाइसु जं पुण अचित्त दवं जइणो वीसाभिग्गह जइणो सावग निण्हव जइ पच्छकम्मदोसा जइवि य ता पज्जता जइ संका दोसकरी जह से न जोगहाणी जइवि सुओ मे होही जण सावगाण जत्थ उ तइओ भंगो जत्थ उ थोवे थोवं जत्थ उ सच्चितमीसे गाथायाः प्रतिकम्गायाः पत्रम् | गाथायाः प्रतिकम् ९८ २१ जम्मं एसइ एगो ७५ १६ | जहेव कुंभाइसु ५४७ ९९ | जस्स पुण पिंडवाय० ३ २ जाई कुल गण कम्मे १५६ ३२ । जह कम्मं तु अकप्पं १८९ ३९ जाई कुले विभासा १५७ ३२ जह कारणं तु तंतू जा जयमाणस्स ६१४ ११० जह कारणमणुवयं जा जेण होई वन्नेण ४६७ ८६ जह चेव उ निक्खित्ते ५५९ १०१, जाणंतु अजाणतो ५२९ ९६ जह चेव उ निक्खित्वे ५६४ १०२ जामाइपुत्तपइमारणं ६१८ १११ जह चेव पुबलिते ३५१ ६६ जायसु न एरिसोऽहं जह चेव संजोगा ६०६ १०९ जारिसए च्चिय लद्धा ५०४ ९२ जह जह पएसिणी ४९८ ९१ जावंतहा सिद्धं नेयं १५९ ३३ | जह तिपएसो खंधो जावंत देवदत्ता ५६९ १०२ | जह ते सणकंखी २१६ ४२ जावंतिए विसोही ५४५ ९८ | जह वंतं तु अभोजं १९१ ३९ / जावंतियमुद्देसं ४७२ ५२८ २७२ १४२ ३९० २३० www.jainelibrary.org JainEducation A For Private & Personal Use Only lione
SR No.600106
Book TitlePind Niryukti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorManekyashekharsuri, Kanchanvijay
PublisherDevchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
Publication Year1968
Total Pages396
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_pindniryukti
File Size17 MB
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