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अनेन यमाभ्यां बा(भीम) ६१.१२ अर्जुनोऽपि ततो (द्रोण) १४६.
PATRINT (वन) २.४३ अर्थसन्ततिकामश्च (उद्योग) ३९.३८ अर्थानयौं सुखं दुःखं(शांति) १२१.२५ बनेन विनाश हि (वन) ३०२.१३ बजनाजप धनु रामा
पता : (वन) १६२.१८ अर्थसंनिचयं कुर्याद्राजा(शांति) ६९.५६ अर्थानां च पुनर्बंधे नित्य(विरा) ४७.७
चा
तस्वामृतास्तेपा(ज्योग)९०७२ वर्षसिद्धि परामिण्छन (उद्योग) ३७.४८, अजनेन विडीनस्त यदि दोष) १७.८ अर्जुनोऽपि महाराज (कर्ण) EYE
योग)०७२ बसिद्धि परामिच्छन् (उद्योग) ३७.४८ अर्थानामननुष्ठाता (शांति) १२.१० अर्जनेन हतः सल्ये (भीष्म) ८६.३४ बानाजप शरास (विरा) ६४.२९बस्वामीपिकार्य: (वन) ३३.६५ अर्थसिद्धि तब रणे उद्योग१५.२५
अर्थानामीश्वरो यः (उद्योग) ३४.६३ अंजनेन हतः सङ्गये पौष्म) ८९.३५ अर्जुनो भीमसेनश्च(भीष्म) १०७.२७ वर्षयर्मातियो मन्दः (उद्योग) १२.२ अर्षसिद्धिममयं च (शांति) २२४.१३
अर्थाचार मते वालो (सभा) १५.१४ अर्जुनेनाजितां पूर्व (उद्योग) १४५.५ बजनी भीमसेनश्च (शल्य) ३०.५२ वर्षधर्मावनावृत्य यः (वन) १६१.१२ अर्थसिद्धेः परं धर्म (शांति) २७
अर्थानिष्टान्कामयते (आव) २८.२ अर्जुनेनार्जुन द्रोणो (द्रोण) १८८.३५ अर्जुनो भीमसेनश्च (कर्ण) ५७.१० अर्थनाशो वधोऽक्रीति(शांति) १००.३५ वर्षस्य पुरुषो दासो (भीष्म) ४३.४१
अन्न शोचन्प्राप्नोति न(स्त्री) १.३८ अर्जुनेनैवमुक्तस्तु (विरा) ५८.१० अर्जुनो यमजी चं भौ (वन) २५६.६ व यान्न चासत्सु (शांति) ७०.६ अर्थस्य पुरुषो दासो (भीष्म) ४३.५६
अर्थाः प्रत्यवसीदन्ति (शांति) १०७.२६ अर्जुनेनाज'नो यः स(उद्योग) ६.२८ अर्जुनो थीरना बेष्ठो (भीष्म)२८.५१ बर्थ महान्तमासाद्य (उद्योग) ३३.४० अर्थस्य पुरुषो दासो (भीष्म) ४३.७१
अर्थायव हि केषां (शांति) १०४.३८ अजननवमुक्तस्तु भीमा(आ) १५४.२४ अर्जुनो चार्यमाणस्तु(भीष्म) १११.५६ बर्थमर्वानुबन्धं च धर्म (आ) १०५.२१ अर्षस्य पुरुषो दासो (भीष्म) ४३.८२
अर्थार्थमन्यद्भवति (शांति) १२३.६ अर्जुने सैन्धवं प्राप्ते (द्रोण) १०६.१ अर्जुनो वासुदेवश्च (उद्योग) ६.१ अर्बमूलोऽपि हिंसां च (शांति) ७१.१५ अर्थस्य रक्षणार्थाय (शांति) १०६.२०
अर्थार्थमन्पवति (शाति) १३०.३८ अर्जुनो जयतां कर्णमिति (कर्ण) ८७.५८ अर्जनो वामदेवश्च (द्रोण) २.०.१० वर्षयन्कलझं राजन् (शांति) १२७.२२ अर्थस्यावयवावेतौ (शाति) १७.१४
अार्थिनः सन्ति (शांति) १६७.१८ अर्जुनोऽतीव संक्रद्धः (आश्व) ७८.१३ अजनो व्यधमच्छिष्टानिक अर्थयुक्सिमिमा तत्र(शांति) १३५.६१ अर्थहेतोहि कामादा (शांति) ८१.१५
अर्थार्थी जीव(शांति) अज'मोत्सङ्गगौ पादौ(उद्योग) ५६.७ अर्चलोलुपता दुःख (शांति) १७०.३७ अर्थाश्चिन्तयतश्चापि(सौप्तिक) ४.२२ अर्थार्थी पुरुषो राजन् (वन) ३३.३१
१३८.१५२ अर्जुनोऽहं महाराज (विराट) ७१.६ जना अज नाणिना विद्धा (शल्य) १४.१ अर्णवं खानयामास (वन) २०४.२० बचवन्स्युपपन्नानि (उद्याग) १३४.३ अस्तिथास्यन्त (शांति) २१८.४६ अर्याललोमाटा कामा
: अर्जुनोऽथ मृशं क्रुद्धः (द्रोण) ९३.६५ अर्थ इत्येव सर्वेषां (शांति) १६७.१२ अर्थलुब्धान्न वः पार्थो (आ) २२१.३ अर्थाः खलु समृदा हि(शांति) २७६.५ वर्षांश्च दुर्लभाल्लोके (शांति) २८८.४३ अर्जुनोथ सुशर्मादीन् (भीष्म) ८६.४६ अर्थ एव हि केषांचिदनयं बन) २.४१ अर्थवानेष देशो हि धनरला(आ) ६३.६ अर्थागमो नित्यम (उद्योग) ३३.८२ अर्थाश्चवाधिगम्यन्ते (शांति)१०७.१५ अर्जुनो द्रौपदेयाश्च (भीष्म) ८६.१६ बर्थकामौ परित्यज्य(शांति) २८६.१६ अर्थशास्त्रपरो राजा (शांति) ७१.१४ अप्रियतरत्वं च (अनु) १४.११ अस्तिस्योपपत्स्यन्ते (वन) ७६.१६ अर्जुनो धनुषोऽम्याशे (आ) १५८.१७ अर्थपन्छष वाहं प्रष्टव्यो(वन)६७.३ अर्थशास्त्रमिदं प्रोक्तं (आ) २.३८३ अर्थादर्मश्च कामश्च (शांति) ६.१७ अर्यास्त्यजत पात्रेभ्यः(उद्योग) ५६.२१ अर्जुनो निशितैर्वाणे (द्रोण) १४५.३४ अर्थवच्छषु दुर्गेषु ((वन) २.१६ अर्थश्च सुमहान्प्राप्तो (आश्व) १४.८ बर्षाद्वा यदि वा (अनु) १४३.४२ अर्थिनां च पितृणां च (शांति) २४.६
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