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३६.९
ब्रह्मर्ष मिथुनं किं तत्के च (अनु) ४३. ३ ब्रह्मर्षे विदितश्चासि (शांति ) ३२६.४२ ब्रह्मषं श्रूयतां यत्ते मनसं (वन) ४७.७ ब्रह्मलोकगताश्चैव (शांति) ३१८.६६ ब्रह्मलोकगते द्रोणे (द्रोण) १९२.५६ ब्रह्मलोकच्युताः सर्वे (भीष्म) ७.३० ब्रह्मलोकजितः स्वर्ग्यान्(शांति)७८.३१ ब्रह्मलोकजिताः सर्वे (शल्य) ब्रह्मलोकं गुरोर्वृत्या (शांति) १०८.९ ब्रह्मलोकं महापुण्यं (अनु) १४२.१८ ब्रह्मलोकादयं स्वगे (अनु) १७. २३ ब्रह्मलोके च तिष्ठति (अनु) ११५.७७ ब्रह्मलोके निवासं यो (शांति) ३२७.४४ ब्रह्म वक्त्रं भुजो क्षत्रं (शांति) ४७.६७ ब्रह्मवक्राय सर्वाय (द्रोण ८०.६२ ब्रह्मवध्यानुलिप्तानां (वन) १८८.४४ ब्रह्मवध्या परं पापं (आ) १६१.७ ब्रह्मबध्याभिभूतो वै (उद्योग) १३.११ ब्रह्मवध्या महाघोरा (शांति) २८२.१२ ब्रह्मवध्यामिमामद्य (शांति) २८२.४०
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ब्रह्मवर्चसहीनस्य (शांति ) १७१.३ ब्रह्मविक्रयनिर्दिष्टं स्त्रिया (अनु) २३. ३२ ब्रह्मविष्णु सुरेन्द्राणां (अनु) १४.१४० ब्रह्मविष्णुसुरेशानां (अनु) १४.४ ब्रह्मपीयें मृदुभूते (शांति) ७७.२५
ब्रह्मवृक्षो रक्ष्यमाणो (शांति) ७३.१४ ब्रह्म वेदाश्च वेद्यं च (वन) २०१.१५ ब्रह्मव्रत मुषास्स्था त्वं (सभा) ११.९ ब्रह्मशंकरशका चै देव (वन) १२.५४ ब्रह्मशिरोपहर्ताय महिष (अनु) १४.३१३ ब्रह्मवयो भवन्त्यत्र तथा (समा) १०.२० ब्रह्मस्तदपि कर्ताऽस्मि ( शांति) २४२.२४ ब्रह्म सत्यं तपः सत्यं (आश्व) ३५.३४ ब्रह्म सत्यं दमः शौचं (द्रोण) १८१.२६ ब्रह्मसूत्रेण बध्नामि ( द्रोण ) ९४.७० ब्रह्मसृष्टा हव्यभुजः (अनु) १५७.१८ ब्रह्मस्थानमनावर्त (शांति) १९९. १२४ ब्रह्मस्वहारिणश्चैव (द्रोण) १७.३० ब्रह्मस्वे रक्ष्यमाणे तु (शांति) ७५.१२ ब्रह्महत्या न तस्य (उद्योग) १७८.५२
श्रीमन्महाभारतम् :: श्लोकानुमणी
ब्रह्महत्यापनोदार्थ (शांति) १५०.६ ब्रह्महत्या फलं तस्य (द्रोण) १८३.२६ ब्रह्महत्या हि ते पापं (द्रोण) १९६.२२ ब्रह्महा चैव गोडनश्च (अनु) १३०.३८ ब्रह्मा चैनं महात्मान (शांति ) १७३.१६ ब्रह्माणमिन्द्रं वरुणं (द्रोण) २०२.१३७ ब्रह्माणं आप्नोति (शांति) ३१७.७ ब्रह्माणं प्रविशस्वेति (शांति) ३४६.२५ ब्रह्माणं शितिकण्ठं च (शांति) ३४१.३६ ब्रह्माणं समुपागम्य मुनि: ( आ ) ५०.३ ब्रह्माणं सा नमस्कृत्य (बा) २११.१९ ब्रह्माणं सारथि कृत्वा (अनु) १६०.३० ब्रह्माणमिव देवेशमिन्द्रो (शल्य) ३४ १८ ब्रह्माणधिगत्वा च शुचिः (वन) ८२.७३ ब्रह्मा तस्योदर भवस्त (अनु) १४७.४ ब्रह्मा ददावन (शांति) १६६.४६ ब्रह्मादित्यमुन्नयति (वन) ३१३.४६ ब्रह्मादिभिः सुरै (वन) ८३.११९ ब्रह्मादिषु तुगान्तेषु भूतेषु (वन) २.७२
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ब्रह्मादीनां खेचराणां (शांति) ३१८.५५ ब्रह्मानुशानमवधीन् (मो) ४.६ ब्रह्मानुससृजे पुत्रान् (शांति) २०७.१७ ब्रह्म पितामहः पूर्व (अनु) ६५.१३६ ब्रह्माभवश्च विष्णुश्व (अनु) १६.२२ ब्रह्मा विपक्ष में गवान् (शांति) १२२.१५ ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हवि ( भीष्म) २८.२४ ब्रह्मावर्त ततो गच्छे (वन) ८४.४३ ब्रह्मावर्त नराखा (वन) ८३.५४ ब्रह्मा वसति गर्भस्थः (अनु) १४७.१३ ब्रह्मा वृतो देवगणैः (शांति) ३५२. १२३ ब्रह्मा शो मारतो ब्रह्म (अनु) १८.७२ ब्रह्मऋतुविष्णुर्विश्वे (अ) १६.६८ ब्रह्माश्रमपदे वृतं (अनु) ब्रह्म स चिन्तयामास (शांति) २८२.२२ ब्रह्मास्त्र मप्यवाप्यंत ( सौप्तिक) १५.२१ ब्रह्मास्त्रमुद्यतं दृष्ट्वा (द्रोण) १५७.४१ ब्रह्मास्त्रं चैव वेदाश्च (विरा) ५१.११ ब्रह्मास्त्रं तु यदा राजन् (आव) ७०.१ ब्रह्मास्त्रं ब्राह्मगो विद्या (शक्ति) २.१३
१०.६
९.१३
જવ ब्रह्मास्त्रं वेत्तुमिच्छामि (शांति) २.१० ब्रह्मास्त्रेण त्वया दग्धा ( द्रोण ) ११०.३९ ब्रह्मास्थाणुर्मनुदक्षो (शांति) ३३४.३५ ब्रह्मास्थतो ब्राह्मणा: (शांति) ३१८.१० ब्रह्मवामितदीप्तौजाः (शांति ) २२८.५ ब्रह्मदेव भगवानेष (आश्रम) ब्रह्म ज्ञानेन्द्रवरुणान् (कर्ण) ४६.३९ ब्रह्म ज्ञानेन्द्रवरुणान (द्रोण) १२७.१ ब्रह्मव समिधस्तस्य ( आश्व) २६-१७ ब्राह्मः क्षात्रोऽय गान्धर्व (अनु) ४४. १० ब्राह्मणः किल तो गेहमध्यं (कर्ण) ४५.२ ब्राह्मणः कुरुते तद्धि यथा (अनु) २९.११ ब्राह्मणः केन भवति (शांति ) १८६.१ ब्राह्मण को भवेद्वाजन् (वन) १८०.२० ब्राह्मण क्षत्रिय विशां (भीष्म) ४२.४१ ब्राह्मणक्षत्रियविशां (शांति) १०७.१ ब्राह्मणः क्षत्रियो वैश्य (अनु) ४७.७ ब्राह्मणत्वं शुभं प्राप्य (अनु) १४३.२२ ब्राह्मणः प्रचरेद्भक्ष (उद्योग) १३२.३० ब्राह्मण प्रतिजाने ते (शांति) ८२.२१
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