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प्र.कल्प
अथ पञ्चमदिन विधिः ।
॥६४॥
श्री वीशस्थानकपूजन विधिःपूजननी शरुआत करता पहेला क्षेत्रपालादिकनुं पूजन नीचेना मंत्रोथी करवू.ॐक्षा क्षेत्रपालाय नमः । ॐ हीं दिक्पालेभ्यो नमः । ॐ हौँ ग्रहेभ्यो नमः। ॐ ह्रीँ षोडशमहादेवीभ्यो नमः । ॐ ह्रौँ जिनशासनदेवोदेवेभ्यो नमः ॥ त्यार बाद "शांतिघोषणा" ना नीचेना दस श्लोक बोलवा :रोगशोकादिभिर्दोषै-रजिताय जितारये ।
नमः श्रीशान्तये तस्मै, विहिताऽनन्तशान्तये ॥ १ ॥ ( अनु.) श्रीशान्तिजिनभक्ताय, भव्याय सुखसम्पदम् ।
श्रीशान्तिदेवता देया-दशान्तिमपनीय ते ॥ २ ॥ (अनु.)
GURUCAREERUECRECECCCCC
॥६४॥
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