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________________ RRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRRR श्री नशासन (अ6वाडीs) वर्ष : १५ :४१ ता. १-१-२००३ || श्री महावीरस्वामिने नमः॥ ॥ श्री-प्रेम-राम चन्द्र-महोदय-मित्रानंदसूरीश्वरेभ्यो नमः॥ श्री कोटा (राजस्थान) नगर में सर्वप्रथम परम पूज्य प्रवचन-प्रभावक आचार्यदेव श्रीमद् विजय दर्शनरत्न सूरीश्वरजी म.सा. आदि की शुभनिश्रा में उपधान-तप में पधारने हेतु श्रीसंध आमंत्रण-पत्रिका आशीर्वाददाता परम् पूज्य वात्सल्य निधि आचार्य देव श्रीमद् विजय महाबल सूरीश्वरजी म.सा. मान्यवर, । आपको लिखते हुए अत्यन्त आनंद हो रहा है। परम पूज्य वर्धमान-तपोनिधि आचार्य देव श्रीमद्विजय कमलरत्न सूरीश्वरजी म.सा. के पट्टधररत्न प.पू. प्रवचन-प्रभावक आचार्य देव श्रीमद्विजय दर्शनरत्न सूरीश्वर जी म.सा.की मे दि. ५-१०-२००३ रविवार से उपधान तप का प्रारंभ होगा। आपको सपरिवार आमन्त्रण है। एवं साध्वीजी मैतीसुधाश्रीजी के १७०० सलंग आयंबील के पूर्णाहुति महोत्सव में पधारने हेतु सपरिवार आमंत्रण है। उपधान तप के शुभ मुहुर्त प्राश-मुहुर्त असोजसुदी १० रविवार दि५-१०-२००३ उपधान की माला मगसर वदी १३ शनिवार दि. २२-११-२००३ यहां पधारने से यहां के जिनमंदिरों के दर्शन-पूजन के साथ-साथ यहां विराजित पू. रत्नेशरत्नविजय जी म.सा.,पू. किरण रत्नविजय जी म.सा.,पू. रजतरत्नविजय जी म.सा.एवं प.पू.स्व.प्रवर्तिनी साध्वीजी खंतिश्रीजी की सुशिष्या पू. स. सा. किरण प्रज्ञाश्रीजी की सुशिष्या प्रवर्तिनी प.पू. साध्वीजी हर्षितप्रज्ञा श्रीजी म.एवं साध्वीजी लक्षितप्रज्ञाश्रीजी की सुशिष्या प.पू.तपस्वी साध्वीजी चेतोदर्शिता श्री जी, प. पू. तपस्वी साधवीजी मैत्री सुधा श्री जी ,प.पू.साध्वीजी अक्षयरुचिताश्रीजी, प.पू. साध्वीजी चरणप्रज्ञा श्री जी के दर्शन वंदन का लाभ मिलेगा। -निमंत्रक-एवं पत्र व्यवहार का पताश्री जैन श्वे० तपागच्छ श्री संध (मंदिर माणक सागर जी).. रामपुरा बाजार, बक्षपुरी कुण्ड की गली कोटा-३२४००६ (राजस्थान) -लिखीश्रीजैन श्वेताम्बर तपागच्छ श्री संध-कोटा का सबहुमान जय जिनेन्द्र बंचनाजी नोटः प.पू. तपस्वी साध्वीजी मैत्रीसुधाश्रीजी के १७०० आयंबिल पूर्णाहुति कार्तिक सुदी २ दिनांक १२.१०.२००३ रविवार को होगी।
SR No.537268
Book TitleJain Shasan 2002 2003 Book 23 Ank 01 to 48
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPremchand Meghji Gudhka, Hemendrakumar Mansukhlal Shah, Sureshchandra Kirchand Sheth, Panachand Pada
PublisherMahavir Shasan Prkashan Mandir
Publication Year2002
Total Pages302
LanguageGujarati
ClassificationMagazine, India_Jain Shasan, & India
File Size17 MB
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