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समाचार प्रकाशनार्थे श्री नैनशासन (मवाडीs) तोरण - रितेश कुमारजी सुभाषकुमारजी शंका- इतनारा द्वारोद्घाटन - सुभाषजी शंका
वांगी गुरुपूजन - रतनलालजी दुगड, रतलाम माणेकलड्डु -प्रवीणकुमारजी पारख, नागेश्वरवाले माणेकदीप - दनलालजी लुंकड जावरा अष्टप्रकापूजा - रमणिकलालजी मेहता, इतनारा सवालाख चावल का साथिया - हेमन्तकुमारजी सुराणा, रतलाम आरती
- ज्ञान चंदजी प्रतापचंदजी दलाल, जावरा मंगलदीप - मानमलजी पारख, ढोढर
थाली बजाना- प्रतापचंदजी ज्ञानचंदाजी दलाल, जाद्दरा
कंकुथापा - बाबुलालजी बाफना, हंसनपालिया प्रथम पक्षालपूजा- बागरेचाजी नागदा
प्रथम केशरपूजन - लक्ष्मीलालजी सिंधवी, जिरन ८--१२-०२ को बडौदामें
(१) भगवान का मुनिम बनने की बोली
श्रीमान् सा. रतनलालजी श्रेणिककुमारजी सुभाषचंदजी, नामली
(२) चढ़ावा लेनेवाले को तिलक करनेकी बोली
श्रीमान शा. चंपालालजी नाथुलालजी सोनगरा, महीदपुरासि
(३) चढ़ावा बोलनेवाले का हार से बहुमान की बोली श्रीमान् शा सेवारामजी सोभारमजी पारख ह. रतन ब्रोकर्स रतलाम
(४) मूलनायक भगवान का मंदिरमें प्रवेश
श्रीमान् सम्पतबाई कालूलालजी का मंदिरमें
प्रवेश
(५) द्वितिय श्री चंद्रप्रभुजीका मंदिरमें प्रवेश
पाटण
श्रीमान् अभयकुमारजी नाथुलालजी परमार,
रतलाम
(६) तृतीय श्री आदिनाथजी का मंदिरमें प्रवेश श्रीमान शा मांगीलालजी चांदमलजी, बडौदा (७) भगवान को पुंखने की बोली
श्रीमान् शा राजेन्द्रकुमारजी विराटिया, इन्दौर (८) प्रासावपुरुषकी बोली
श्रीमान् भारतभूषण मनोहरलालजी देवडा,
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वर्ष : १५ is : १८ता. १८-३-२००३
मूलनायक प्रतिष्ठा - श्रीमान् प्रेमचंदजी भंसाली, नामली द्वितिय चन्द्रप्रभुजी प्रतिष्ठा शा हस्तिमलजी बाबुलालजी सोलंकी, बडौदा
भण्डार भरने की बोली- चंदाबेन शांतिलालजी बरडिया - बाव्या
कायमी धजा - चांदमलजी पवनकुमारजी पंकज्जी सोलंकी, बडोदा
माणकस्तंभ की बोली- शा हस्तिमलजी कालूरामजी सोलंकी
तोरण - शा भरतकुमार क्रितुकुमार यशजी, रतलाम प्रतिष्ठाके समय थाली- शा कुंदमलजी आचलीया, महीदपुर सिटी
कलश- शा मदनलालजी नाथुलालजी बरमेंया, दलोट मणिभद्रजी प्रतिष्ठा- प्रकाशचंद्र संजयकुमारजी मेहता, नामली
क्षेत्रपाल प्रतिष्ठा - केशरीमलजी जितमलजी लुक्कड,
जावरा
माणकदीप- शेतानमलजी चौधरी
माणफलड्डु - शा चांदमलजी संचेती, रतलाम कंकु थापा - कुंदनमलजी आंचलिया, महीदपुर नवांगीगुरुपूजन- माणकलाल लक्ष्मीचंदजी लुनिया,
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रतलाम
सवालाख चावल का सगथिया कुंदनमलजी आंचलिया, महीदपुरासिटी
प्रतिष्ठा के बाद प्रथमप्रक्षाल शा कुंदनमलजी आंचलिया, महीद्रपुर
रतनलाल शुकरामजी दुगड, रतलाम अष्टप्रकारी पूजा- कुंदनमलजी आंचलिया, महीदपुरसिटी
आरती की बोली- मदनलाल आफिसकुमारजी, दलोर मंगलदीव - शा प्रवीणचंद्रजी - गिरीकुमारजी, रतलाम (लिम्बडीवाला)
द्वारोद्घाटन - सुभाषचंद्र राणोदजी संजयजी, बडोदा सवा पांच किलो का लड्डु शा माणकलालजी मोहनलालजी और नागदावाला मणिभद्रजी की आरती- बाबुलालजी इन्दरमलजी गादिया, रतलाम
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