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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir શ્રી આત્માનંદ પ્રકાશ. उस सम्बन्धीका रिपोर्ट कान्फरन्स आफिस को भेजा जाय एसी उनलोगोंसे निवेदन करती है। ઠરાવ ૧૯ શ્રી ધાર્મિક હિસાબ તપાસણી ખાતું. हरएक धार्मिक खातोंका हिसाब साफ और अच्छी व्यवस्था में रहनेसे आमदनीकी वृद्धि हो जाती है इस लिये हिसाव तैयार करना और उसकी रिपोर्ट प्रति वर्ष प्रगट करने को यह कान्फेन्स आवश्यकता समज्ञती है । और कान्फ्रेन्सकी तरफसे नियत हुए हिसाव परीक्षकांको बतलानेके लिये कार्यवाहकोंसे खास आग्रह करती है। इस काममें मदद पहुंचाने के लिए हरएक साधर्मी भाइयोंका ध्यान खींचती है। जिस तरह हो यह ठहराव सर्वत्र अमल में आये और धर्मादा द्रव्यकी रक्षा और इस उद्देश्यकी सफलता होने के वास्ते जहां श्री संघक नामसे जो धार्मिक संख्या है उन सबोंका हिसाव प्रकाश करनेके लिये यह कान्फेन्स वो संघके कार्यवाहकोंसे हिसाय प्रकट करनेका आग्रह करती है । जिस धार्मिक खातोंके कार्यवाहकोने इस तरह हिसाव बतलाया है और प्रकट किया है उनको यह कान्फेन्स धन्यवाद देती है । २५ २० मी. नान्होद्वार. पूना कान्फ्रेन्समें तीर्थरक्षक कमीटीके मुकरर करनेके लिये ठहराव कीया था जिसका यह कोन्फरन्स स्वीकार करती है और कार्य शीघ्रतासे करनेके लीये आग्रह करती है. આ ઠરાવને અમલ થવા મુખ્ય શહેરના આગેવાનોની કમિટિ નીમવામાં गावी इती. १ . 1 --३२न्स मधारण. दसवीं कोन्फरन्समें जो बंधारणका ठहराव हुआ था वही कायम रक्खा जाय और जो दुसरा कालम" कार्य विस्तार" का है उनमें निम्न लिखित द्वारा वढा दिया जाये । जातिके सङ्गके महाजनों के और पश्चके तकरारी और विवादग्रस्त प्रश्नोंमें यह कोन्फरन्स कोइ हाथ नहीं धरेगी। स्टेण्डींग कमीटीके मेम्बरोंको सुकृतभंडार फंड अवश्य देना चाहिए. ઉપરના છઠ્ઠા ચાર ઠરાવો પ્રમુખ તરફથી રજુ કરી પસાર થયા હતા. મી. માલવીયાનું ભાષણ. પંડીત મદનમોહન માલવીયાએ વ્યાપાર ઉદ્યોગની કેળવણીના ઠરાવ પ્રસંગે For Private And Personal Use Only
SR No.531174
Book TitleAtmanand Prakash Pustak 015 Ank 06
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJain Atmanand Sabha Bhavnagar
PublisherJain Atmanand Sabha Bhavnagar
Publication Year1917
Total Pages28
LanguageGujarati, Hindi
ClassificationMagazine, India_Atmanand Prakash, & India
File Size4 MB
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