SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 30
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ३५४ ] अनेकान्त .[ वर्ष ६.. . (३) चम्पतरायजीका वास्तवमें भले प्रकार लखनऊ, ४-१०-२६ सम्मान करना चाहिये। पदवी मेरी रायमें नीचे १-जैनगजटकी खबरका खण्डन किसी बड़े लिखेमेंसे हो। आदमीके नामसे छपवावें। - (१) जैनसिद्धान्तरत्नाकर (२) जैनतीर्थोद्धारक · २-रिलीजन ऑफ इम्पायर पुस्तकमें क्या जैन- (३) जैनतत्त्वसागर (४) जैनधर्मकुमदेन्दु धर्मका कुछ विशेष हाल लिखा है यदि हो तो आप (५) जैनबोधमार्तण्ड (६) जैनदर्शन सूर्य पढ़ने भेज दीजियेगा। ए० सी० बोसका लेक्चर भी छपवा लें ट्रैकृमें ३-गोम्मटसार जीवकांड करीब आधा छप ___(४) आगामी जयन्तीमें ऐसे अजैन विद्वानोंको गया है । १ मासके अनुमानमें शायद पूर्ण होजायगा सभापति करें जो हरएक जल्सेमें हाजिर हो कार्यवाई फिर कर्मकांड १ तिहाई तर्जुमा हुआ है सो छपेगा करे यदि महर्षि शिवव्रतलाल रह सकें तो ठीक फिर और ग्रन्थ मि० जैनीका तर्जुमा उन्हींके खर्चसे अन्यथा मि० बोस ही सभापति रहें। ___ छप रहा है। लैक्चरर ४-सेठ हकमचन्दके विरोधमें एक बड़ी सभा ___ ऋषभदास वकील-मस्तराम एम० ए० लाहौर, देहली आदि कहीं होकर विजातीय विवाहकी पुष्टिमें प्रो० हीरालाल एम० ए० अमरावती, कस्तूरचन्द जैन प्रस्ताव सब पञ्चायतमें जावें। सभापति प्यारेलाल वकील जबलपुर, पं० दरबारीलाल इन्दौर, पं० वकीलके समान कोई व्यक्ति हो। आप ट्रैकृका तो माणिकचन्दजी. पं० कुँवरलालजी न्यायतीर्थ, रतन- प्रचार करते रहें। लाल वकील बिजनौर, वर्णी गणेशप्रसादजी, फनी- (२०) लखनऊ, १-६-२६ भूषण अधिकारी बनारस, विंध्यभूषण भट्टाचार्य १–सूचनायें सूरत भेजी जाचुकी हैं। शान्तिनिकेतन, बोलपुर बङ्गाल आदि विद्वानोंको २–कविता पूजाकी करना बहुत कठिन काम है अजितप्रसाद वकील कर सकते हैं यदि परिश्रम करें। उत्साहपूर्वक ट्रैकोंको खूब बाँटें । धर्मका प्रचार . ३-पूजामें भूमिका ठीक करनेकी जरूरत है उस करें। काममें शिथिलता न करें। पहाड़ी हाई स्कूल में तेरह-पंथकी रीति दी है चाहिये. दोनों रीति देना। की रक्षा करावें । देहलीमें जैनबोर्डिङ्ग करावें। हमने शब्द व शब्द वाँचा नहीं तथापि तर्जुमा ठीक (१८) ७-१२-२६ होगा वारिस्टर साहबका काम है। . . आपके सब ट्रैक व सैंससका उतारा पाया मैं (२१) ... वर्धा, १५-३-२६ यथाशक्ति आनेकी कोशिश करूँगा अजितप्रशादजीको आज लेख मुक्ति व उसके साधनपर भेजा है १५-२० दिन पहले लिखना अभी वे हाँ नहीं करेंगे सदुपयोग करें व सूरतमें ही छपावें बड़ी मेहनतसे मैं एक ट्रैक "हमारा सनातन जैनमत” लिखना चाहता लिखा है। हूँ इसीपर व्याख्यान दूंगा उसको आप छपवाकर . यदि मेरे बुलानेका विचार हो जयन्तीपर तो बँटवा सके तो मैं लिखनेका कष्ट उठाऊँ। ४० पृष्ठके सम्मति करके बुलावें व पूर्ववत् सम्मानसे बिठाले व करीब होगा उत्तर दीजियेगा। भाषण अपने विषयपर दिलावें यदि राय न पड़े तो __ चन्द्रकुमार शास्त्री, कुँवरलाल शास्त्री, दरवारी- कभी न बुलावें आपका जल्सा निर्विघ्न हो सो करें। लालजी, जुगलकिशोरजी, बनवारीलाल मेरठ आदि एक दिन २ घण्टे विशेष पूजा सब मिलकर करें। को बुलावें तथा आप जितने बड़े-बड़े अजैन विद्वानों उत्सवके साथ जिसे अजैन भी देखें । मंडपमें श्रीजीको को जानते हैं उनसे message मँगावें। काम उत्साह विराजमान करके करें फिर पूजाके पीछे वहीं. पहुँचा से करें । धर्मकी महिमा प्रगटे सो उपाय करें। , देवें । पहुँच देवें लेखकी। बुलावें। Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.527259
Book TitleAnekant 1948 09
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJugalkishor Mukhtar
PublisherJugalkishor Mukhtar
Publication Year1948
Total Pages42
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Anekant, & India
File Size14 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy