________________
कौरव-पाण्डवों आदि के हस्तिनापुर से जुड़े अनेक प्रसंग सुनाते हुए भारतीय सभ्यता पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की सफलता हेतु मंगल आशीर्वाद दिया।
संस्थान के अध्यक्ष कर्मयोगी ब्र. रवीन्द्र कुमार जैन ने शोधपीठ एवं संस्थान का परिचय दिया। पूज्य पीठाधीश क्षुल्लक श्री मोतीसागरजी ने सभी अतिथियों को संस्थान का साहित्य प्रदान किया। अतिथियों को संस्थान द्वारा प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सत्र के उपरान्त रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज द्वारा हस्तिनापुर को केन्द्र बनाकर लगाई गई एक भव्य कला प्रदर्शनी का उद्घाटन भी हुआ। रात्रि में देव संस्कृति वि. वि. हरिद्वार के छात्रों द्वारा देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सरधना के स्कूल के छात्रों द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। हस्तिनापुर शोध संस्थान, मेरठ द्वारा पश्चिमी उ.प्र. के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों के पैनल सम्मेलन के मार्ग के दोनों ओर लगाये गये थे, जो सुखद चर्चा के केन्द्र रहे। 30.10.10, 2.30 5.00 तक प्रथम तकनीकी सत्र
112
स्थान
अध्यक्षता
संचालन
:
:
वक्ता
1. डॉ. दीपा गुप्ता, हरिद्वार
आचार्य शांतिसागर हाल, जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर
डॉ. अनुपम जैन, निदेशक गणिनी ज्ञानमती शोधपीठ, इन्दौर
श्री उपेन्द्र गामी, शोभित वि.वि., मेरठ
वैदिक कालीन समाज में शिक्षा और पारिवारिक जीवन की अवधारणा
2. डॉ. रेणु शुक्ला, देहरादून
3. कु. निशा
Bodhisatva Ideal: A Combination of Cencern and Detachment
महाभारत में पर्यावरण चिन्तन
4. डॉ. अर्चना रानी, मेरठ
भारतीय चित्रकला में रामविषयक प्राचीन पांडुलिपियाँ
5. डॉ. आराधना,
मेरठ
प्राचीन भारतीय परम्परायें और उनका महत्व
6. डॉ. अलका चड्ढा, मेरठ
Rich Cultural legacy : Punjab
7. प्रो. एस. के. बंडी, इन्दौर
Jain Astronomy 8. डॉ. पूनम लता सिंह, मेरठ
कांगड़ा चित्रशैली में नायिका अंकन : एक संक्षिप्त परिचय 9. डॉ. प्रगति जैन, इन्दौर एवं डॉ. अनुपम जैन, इन्दौर
Mathematics Teaching with Historical Sources 10. डॉ. अलका तिवारी, गाजियाबाद
विभिन्न कालों में नारी
11. सुश्री फरहीन जावेद, मेरठ
Women Empowerment - A Realty or Myth
12. सुश्री रुही जावेद, मेरठ
Culture: A Major Determinant of the Consumer Behaviour 13. डॉ. नाजिमा इरफान, मेरठ
भारतीय कला की अमर धरोहर अजन्ता के भित्ति चित्र : अध्ययन
अर्ह वचन 23 (1-2), 2011
.