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________________ जैन जगत का जाज्वल्यमान नक्षत्र अस्त हो गया परिशिष्ट साहू श्री अशोककुमारजी जैन जैन जगत के शीर्ष पुरुष, अखिल भारतवर्षीय दि. जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी सहित देश की अनेकानेक धार्मिक संस्थाओं / ट्रस्टों के अध्यक्ष साहू श्री अशोककुमारजी जैन का असामयिक निधन क्लीवलैण्ड - अमेरिका के एक निजी अस्पताल में 4 फरवरी 99 को प्रातः 2-3 के मध्य हो गया। ज्ञातव्य है कि श्री जैन हृदय रोग से पीड़ित थे एवं विगत वर्षों में 3 बार बायपास सर्जरी के उपरान्त गत 10 जनवरी 99 को ही उनका हृदय प्रत्यारोपण का सफल आपरेशन किया गया था। किन्तु निधन के एक सप्ताह पूर्व से उनका स्वास्थ्य पुन: गिरने लगा था। 4 फरवरी की प्रातः संस्थाध्यक्ष श्री देवकुमारसिंहजी कासलीवाल को अमेरिका से दूरभाष पर यह दु:खद समाचार प्राप्त होते ही समस्त इन्दौर नगर में ही नहीं वरन् सारे देश में शोक की लहर दौड़ गई। भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री अटलबिहारी बाजपेयी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रमोद महाजन, कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उनके राष्ट्र एवं समाचार जगत को दिये अवदान की प्रशंसा की। म. प्र. के मुख्यमंत्री माननीय श्री दिग्विजयसिंह ने उन्हें एक सफल प्रशासक, नेक एवं मृदुभाषी इन्सान बताते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की । 'टाइम्स ऑफ इण्डिया' समाचार पत्र समूह के अध्यक्ष श्री जैन अनेक व्यापारिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े थे। उन्होंने विभिन्न समयों पर 'फेडरेशन ऑफ इण्डियन चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज', 'सीमेन्ट मेन्युफेक्चरर्स एशोसिएशन', 'इंडियन पेपर मिल एशोसिएशन', 'बिहार इन्डस्ट्रीज एशोसिएशन' आदि अनेक व्यापारिक संस्थाओं के अध्यक्ष पद को गौरवान्वित किया। वे अपने साहित्य प्रेमी माता-पिता श्रीमती रमादेवी जैन एवं साहू शान्तिप्रसादजी जैन द्वारा स्थापित देश के लब्ध प्रतिष्ठ प्रकाशन संस्थान भारतीय ज्ञानपीठ के प्रबन्ध न्यासी, टाइम्स रिसर्च फाउण्डेशन एवं टाइम्स रिसर्च फैलोशिप कौंसिल के भी अध्यक्ष थे। 65 वर्षीय श्री जैन अपने शोक संतप्त परिवार में अपनी पत्नी श्रीमती इन्दु जैन, पुत्र श्री समीर जैन एवं विनीत जैन तथा पुत्री श्रीमती नंदिता जैन को छोड़ गये हैं। साहू श्री अशोक जैन के निधन से शोक संतप्त कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ परिवार ने नगर के बुद्धिजीवियों एवं जैन विद्या प्रेमियों की शोक सभा 5 फरवरी 99 को अपरान्ह 3.30 पर कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ पुस्तकालय में आयोजित की। श्री देवकुमारसिंह कासलीवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शोक सभा का प्रारम्भ दि जैन उदासीन आश्रम, इन्दौर के अधिष्ठाता ब्र. श्री अनिलजी के वैराग्यवर्धक संबोधन से हुआ। उन्होंने जैन तीर्थों के विकास हेतु साहूजी के समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। संस्था के सचिव डॉ. अनुपम जैन ने साहू श्री अशोककुमार जैन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की गतिविधियों में उनकी सतत् अभिरूचि एवं सहभागिता (1)
SR No.526541
Book TitleArhat Vachan 1999 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnupam Jain
PublisherKundkund Gyanpith Indore
Publication Year1999
Total Pages112
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Arhat Vachan, & India
File Size8 MB
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