________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
श्रुतसागर
सितम्बर-२०१८
अनुक्रम
रामप्रकाश झा
6
1. संपादकीय 2. आध्यात्मिक पदो 3. Awakening 5. पर्युषणपर्व स्तुति 4. चोवीसजिन सवैया 6. गौतमपृच्छा संधि 7. बीकानेरनी 'उस्ता' चित्र शैली
आचार्य श्री बुद्धिसागरसूरिजी Acharya Padmasagarsuri श्री राहुल आर. त्रिवेदी डॉ. जागृति बी. प्रजापति आर्य मेहुलप्रभसागर गणि श्री सुयशचंद्र विजयजी
8. समाचार सार
आया आदर बैसणो जाता बोलै जीकार । मिलिया हसकर बोलणो उत्तम घरा आचार॥
हस्तप्रत नं. १२००९० भावार्थः- जिस घर में आनेवाले (अतिथि) को आदरपूर्वक बैठने के लिए कहा जाता हो, जानेवाले को जीकार (पुनः पधारना) जैसे शब्द कहे जाते हों, और एक दूसरे से मिलने पर हँसकर बात करते हों, ऐसा उत्तम घर का आचार
* प्राप्तिस्थान* आचार्य श्री कैलाससागरसूरि ज्ञानमंदिर तीन बंगला, टोलकनगर, होटल हेरीटेज़ की गली में
डॉ. प्रणव नाणावटी क्लीनीक के पास, पालडी अहमदाबाद - ३८०००७, फोन नं. (०७९) २६५८२३५५
For Private and Personal Use Only