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समाचार सार
पर्युषणपर्वनी आराधना आंबावाडी श्री संघमां पू. गुरुभगवंतनी पावन निश्रामां पर्युषण पर्वनी आराधना खूब सुंदर रीते थई हती. पू. गुरुभगवंते मनोवैज्ञानिक आयामोथी पर्युषण पर्वना महात्म्यने उजागर कर्यु हतुं. तो मुनिवर्यश्री विमलसागरजी महाराजे कल्पसूत्र अने एमां दर्शावायेला आचार अने कर्तव्योने आधुनिक युगनी विटंबणाओ माटे औषध समान गणाव्या हता. तेओए पर्युषण पर्व दरम्यान श्री संघना तमाम भाविको दरेक आराधनामां आनंदसभर बन्या हता.
पू. गुरुदेवश्रीनी पावननिश्रामां श्री संघनी आराधना खूब सुंदर रीते थवा पामी हती. श्रावकजीवनना कर्तव्योनुं श्रवण, कल्पसूत्रना प्रवचनो अने जन्मवांचन जेवा विशिष्ट प्रसंगो श्री संघ माटे यादगार संभारणा सम बनी रह्या हता.
[ पांच अप्रकाशित ग्रंथोनो विमोचन समारोह | मुंबइ माटुंगा श्री संघना उपक्रमे आचार्य श्री कनकसूरि महाराजना स्वर्गारोहणना ५०मा वर्षनी पूर्णाहुति निमित्ते श्रुतोद्धार समारोहमां पांच ग्रंथो प्रकाशित थया हता, आ प्रसंगे श्री कुमारपाळभाई, श्री जीतुभाई, संस्थाना ट्रस्टीवर्य श्री मुकेशभाई, अने श्री बाबुभाई बेडावाळा विगेरे उपस्थित रह्या हता.
प्राचीन हस्तप्रतोना आधारे आ कृतिओनुं धीरज अने धगशथी संपादन कार्य करनार तमाम मुनिभगवंतो अने कार्यकरोने उपस्थित सहुए अनैकशः धन्यवाद पाठव्या हता. अप्रकाशित साहित्यने प्रकाशित करवा माटे हस्तप्रत आपनार दरेक संस्थाओनो हार्दिक आभार मानवामां आव्यो हतो. विशेष करीने आचार्यश्री कैलाससागरसूरि ज्ञानमंदिर प्रत्ये आभार व्यक्त को हतो. आ समग्र समारोहy संचालन श्री पारसभाई पंडितजीए कयूँ हतुं.
कनकसूरि प्राचीन ग्रंथमाला अंतर्गत नीचे मुजबना ग्रंथो प्रकाशित थया हता. * अगडदत्त रासमाला (११ रासा साथे विस्तृत प्रस्तावना सहित) * मंगलकलश रासमाला (१२ रासा साथे विस्तृत प्रस्तावना सहित) * मदनधनदेव चरित्र (मदनधनदेवचरित्र संबंधी अप्रकाशित कृति संग्रह) * मंगलकलश चरित्रसंग्रह (११ कथाओना कृति परिचय साथे संपादन) * नेमिनाथ जिन स्तोत्र संग्रह (विविध भाषामय ११८ स्तोत्रोनो संग्रह)
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