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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir संपादकीय पिछले अंक में हमने आपको बताया था कि श्रुतसागर नया प्रौढ़ आकार ग्रहण कर रहा है। इसके स्वरूप, उद्देश्य और विषय को विस्तृत बनाया जा रहा है। अपने भव्य भूतकाल एवं शास्त्रों में छिपे देदीप्यमान इतिहास का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करने हेतु तमाम ऐतिहासिक सामग्रियों एवं प्रामाणिक साक्ष्यों को पूरक सामग्रियों के साथ प्रकाशित करके शोधकर्ताओं तक पहुँचाने की शृंखला में हमने इस अंक में ऐतिहासिक लेख, विशिष्ट तीर्थस्थलों का परिचय, ज्ञानमन्दिर में संगृहीत विशिष्ट कृतियों की सूचनाओं जैसे अनेक शोधप्रद एवं बोधप्रद विषयों को संकलित किया है। इस अंक में हमने सर्वप्रथम प्रभु पार्श्वनाथ भगवान की स्तुति करके अपना कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया है, क्योंकि इस अवसर्पिणी काल में जिनशरण और उसमें भी प्रभु पार्श्वनाथ का सहारा मिल जाए तो कठिन से कठिन कार्य भी सहजतापूर्वक सम्पन्न हो जाते हैं। प्रभु पार्श्वनाथ की स्तुति पूर्वक मंगलाचरण के पश्चात् चतुर्विध श्रीसंघ के लिये उपयोगी गुणों-तत्त्वों को निरूपित करने में पूर्णतः सक्षम दो अप्रकाशित रासों का चयन किया गया है, जिनके कथानक आज के भौतिक चकाचौंध में फंसे जीवों को मानवमूल्यों को अपनाने हेतु मार्गदर्शक का कार्य करेंगे। पूर्वाचार्यों के जीवन-दर्शन को प्रदर्शित करती हुई पद्यात्मक लघु कृतियों का सारांश प्रस्तुत करके हमने यह बताने का प्रयास किया है कि हमारे पूर्वाचार्यों का जीवन-दर्शन कैसा था, उनके जीवन-आदर्श हमारे लिये प्रेरणास्रोत सिद्ध हो रहे प्राचीन विद्यापीठों के सम्बन्ध में चीनी यात्रियों के विचारों को प्रस्तुत कर तत्कालीन भारतीय शैक्षणिक स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया गया है। त्रैलोक्यदीपक महातीर्थ राणकपुर के वैशिष्ट्य को उद्घाटित करने हेतु राणकपुर तीर्थ का परिचय प्रस्तुत किया जा रहा है। सम्राट संप्रति संग्रहालय, कोबा में संकलित धातुप्रतिमाओं के लेखों को भी इस अंक में प्रकाशित किया जा रहा है जो हमारे छिपे हुए ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने में सहायक सिद्ध होगा। चौबीसी पट्ट के परिचयात्मक लेख में चौबीसी के निर्माण एवं उसकी परम्परा का संक्षिप्त विश्लेषण प्रस्तुत करने का For Private and Personal Use Only
SR No.525276
Book TitleShrutsagar Ank 2013 03 026
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMukeshbhai N Shah and Others
PublisherAcharya Kailassagarsuri Gyanmandir Koba
Publication Year2013
Total Pages84
LanguageGujarati
ClassificationMagazine, India_Shrutsagar, & India
File Size3 MB
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