SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 193
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ जैन जगत् डॉ० हुकमचन्द भारिल्ल के अभिनन्दन ग्रन्थ का लोकार्पण नई दिल्ली ८ अप्रैल : विश्वविख्यात् आध्यात्मिक प्रवक्ता डॉ० हुकमचन्द भारिल्ल को लाल किले के सामने परेड ग्राउण्ड में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें सम्मानित कर उनके अभिनन्दन ग्रन्थ “तत्त्ववेत्ता : डॉ० हुकमचन्द भारिल्ल' का लोकार्पण किया गया। आचार्य विद्यानन्द जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में श्री दीपचन्द भाई गार्डी, साहू रमेशचन्द्र जैन तथा बड़ी संख्या में डॉ० भारिल्ल के प्रशंसक उपस्थित रहे। इसी समारोह में सुप्रसिद्ध संगीतकार श्री हरिचरण वर्मा को 'संगीतसमयसार' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भगवान् महावीर पर अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न नई दिल्ली १२ अप्रैल : भगवान महावीर की २६००वीं जयन्ती के पावन अवसर पर भोगीलाल लहेरचन्द इन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डोलाजी द्वारा भगवान् महावीर के जीवन-दर्शन पर इंडिया इन्टरनेशनल सेंटर नई दिल्ली के सभागार से तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में सुविख्यात् विधिवेत्ता और ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त डॉ० लक्ष्मीमल सिंघवी, सुप्रसिद्ध कलाविद् एवं इतिहासकार प्रो० एम०ए० ढांकी, भारतीय दर्शन के सुप्रसिद्ध विद्वान् प्रो० कमलचन्द जी सोगानी, पार्श्वनाथ विद्यापीठ के मानद् निदेशक एवं मन्त्री प्रो० सागरमल जैन, पार्श्वनाथ विद्यापीठ की संचालक समिति के श्री बी०एन०जैन तथा संयुक्त मन्त्री श्री इन्द्रभूति बरड़, लालभाई दलपतभाई भारतीय संस्कृति विद्यामन्दिर के नियामक युवा विद्वान् डॉ० जीतेन्द्र बी० शाह, शाकाहार के लिये समर्पित डॉ० नेमिचन्द जैन (अब स्वर्गस्थ), अहिंसा इण्टरनेशनल के महासचिव श्री सतीश कुमार जैन तथा बड़ी संख्या में जैनविद्या से सम्बद्ध देश-विदेश के विद्वान् उपस्थित थे। तीन दिन चले इस संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में अनेक महत्त्वपूर्ण शोध आलेख प्रस्तुत किये गये। ग्रन्थागार का भूमिपूजन समारोह सम्पन्न नयी दिल्ली २६ अप्रैल : कुन्दकुन्द भारती परिसर में २६ अप्रैल गुरुवार को प्रात: ८.०० बजे आचार्यश्री विद्यानन्द जी महाराज के पावन सानिध्य में भव्य रूप Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.525044
Book TitleSramana 2001 04
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivprasad
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year2001
Total Pages226
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size9 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy