SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 109
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ पार्श्वनाथ शोधपीठ के प्रांगण में चार छात्रों को पी-एच० डी० उपाधि प्राप्त साध्वी प्रमोद कुमारी जी को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग में प्रस्तुत उनके शोध प्रबन्ध 'ऋषिभाषित का दार्शनिक अध्ययन' पर पी-एच० डी० की उपाधि प्रदान की गई। आपने संस्थान में रहकर डा० उमेश कुमार दूबे, रीडर, दर्शन विभाग के निर्देशन में शोध कार्य सम्पन्न किया। आपके इस शोध अध्ययन में शोध पीठ के निदेशक डॉ० सागरमल जैन का विशेष योगदान रहा है। श्री धनंजय मिश्र को दर्शन विभाग, का० हि० वि० वि० द्वारा उनके शोध प्रबन्ध 'आचार्य हरिभद्र का योगदर्शन' पर पी एच० डी०. उपाधि प्रदान की गई। आपने प्रो० सागरमल जैन के निर्देशन में शोध कार्य पूर्ण किया। आपको शोधपीठ द्वारा स्व० कुन्दनमल फिरोदिया स्मारक छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। श्रीमती गीता सिंह को संस्कृत विभाग, का० हि० वि० वि० में प्रस्तुत शोध प्रबन्ध 'वैदिक साहित्य में श्रमण परम्परा के तत्त्व' विषय पर पी-एच० डी० की उपाधि प्राप्त हुई। इनके भी निर्देशक प्रो. सागरमल जैन रहे। इन्हें शोधपीठ द्वारा आचार्य विजयनन्दन सूरि मेमोरियल छात्रवृत्ति प्रदान की गयी। श्रीमती अर्चना रानी पाण्डेय को दर्शन विभाग, का० हि० वि० वि० द्वारा उनके शोध प्रबन्ध 'जैन भाषा-दर्शन की समस्यायें' पर पीएच० डी० की उपाधि प्राप्त हुई। प्रो० सागरमल जैन इनके निर्देशक रहे और इन्हें आचार्य विजयवल्लभ सूरि मेमोरियल छात्रवत्ति प्रदान की गई। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.525009
Book TitleSramana 1992 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAshok Kumar Singh
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year1992
Total Pages128
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size6 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy