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________________ अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता पं. मूलचन्द जी लुहाड़िया धर्मनिष्ठ श्रावक श्री चम्पालाल जैन का देहावसान। व ताराचन्द्र जी दोषी व मुख्य अतिथि जयसिंह जी कोठारी 'व्यापार समाचार' पाक्षिक के सम्पादक आदरणीय | 'नफा-नकसान' पेपर के सम्पादक के मंगलाचरण, सुशीला भइया श्री चम्पालाल जैन, कपड़ा कमीशन-एजेण्ट, माधोगंज, जी पाटनी, गरिमा वाकलीवाल, भजन चेलना जागृति मण्डल ग्वालियर, पंचपरमेष्ठी का स्मरण करते हुए देह त्यागकर | | द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। • परलोक प्रयाण कर गये। आप योग-विद्या के प्रसारक, परम अनिल गंगवाल स्वाध्यायी, कर्मठता के प्रतीक, पर-दुःख-कातर, ग्वालियर नगर के सेवा-भावी व्यक्ति थे। 'अनेकान्त' अकादमी में महावीर के मौलिक चिंतन पर अतिसाधारण परिवार में जन्म लेकर उच्च शिक्षा विचार-सभा एवं भव्य कवि-सम्मेलन के अभाव में भी आपने निरन्तर स्वाध्याय और अपनी कर्मठता भोपाल, २५ अप्रैल २००५ । भगवान महावीर के के बल पर समाज में अपना शीर्ष स्थान बना लिया था। मौलिक चिंतन पर राष्ट्रीय अनेकान्त अकादमी के तत्वावधान १९२० ई. में शमशाबाद (विदिशा, म.प्र.) के साधारण किन्तु | में विचारमाला एवं भव्य कविसम्मेलन राजधानी भोपाल के धर्म-संस्कारी परिवार में जन्म लेकर आप व्यवसाय हेतु | चार इमली स्थित कम्युनिटी हॉल में ऐतिहासिक सफलता ग्वालियर आये और ईमानदार व्यवसायी के रूप में प्रतिष्ठा | के साथ सम्पन्न हुये। इस अवसर पर विचार-सभा सहित अर्जित कर ली। प्रातः २ घण्टे प्राणायाम व योगासान करना | सम्पूर्ण समारोह के मुख्यअतिथि न्यायमूर्ति श्री एन.के. जैन और कराना, नित्य अभिषेक पूजन व प्रतिदिन २ बार सामूहिक | (अध्यक्ष-राज्य उपभोक्ता फोरम म.प्र.) ने अध्यक्षता की। स्वाध्याय करना, साधर्मी और सहकर्मी बन्धुओं की यथासंभव | सुप्रसिद्ध कवि श्री कैलाश मड़बैया 'साहित्य वारिधि' संयोजक सहायता करना, प्रत्येक धार्मिक आयोजन में सक्रिय भाग | थे, और संचालन किया विमल भंडारी ने। लेना, डायरी-लेखन उनकी जीवनचर्या के अभिन्न अंग थे। विमल जैन आपकी स्मृति में 'जिनभाषित' के लिए दान स्वरूप दो सौ रुपये प्रेषित किये गये। प्रा. अरुण कुमार शास्त्री, ब्यावर भगवान महावीर का २६०३वां जन्मजयन्ती महोत्सव मनाया गया पंचदिवसीय महावीरजयंती पर्व सम्पन्न विश्ववंद्य अहिंसा-धर्म के युगप्रवर्तक एवं जैनधर्म भोपाल। श्री दिगम्बर जैन पंचायतकमेटी ट्रस्ट | के २४वें तीर्थंकर १००८ श्री भगवान महावीर का २६०३वाँ (पंजीयत) चौक, भोपाल के तत्त्वावधान में महावीर जयन्ती | जन्मजयंती महोत्सव शुक्रवार २२ अप्रैल २००५ को प.पू. वर्ष २००५ पर्व मनाने हेतु ट्रस्ट की एक विशेष समिति | आर्यिकारत्न १०५ श्री पूर्णमति माताजी ससंघ के पावन गठित कर इस वर्ष विशेष उत्साह एवं ऐतिहासिक ढंग से | सान्निध्य में हर्षोल्लास से विशाल रूप में मनाया गया। मनाने हेत पाँच दिवसीय कार्यक्रमों की योजना बनाई गयी हीराचन्द जैन और दिनांक १८ अप्रैल से २२ अप्रैल २००५ तक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जरूर सुनें सन्त-शिरोमणि आचार्यरत्न श्री 108 विद्यासागर आध्यात्मिक एवं सामाजिक विचारगोष्ठी जी महाराज के आध्यात्मिक एवं सारगर्भित प्रवचनों श्री १००८ भगवान् महावीर वर्तमान जिनशासन | का प्रसारण 'साधना चैनल' पर प्रतिदिन रात्रि 9.30 नायक के जन्मजयन्ती महोत्सव पर सकल दिगम्बर जैन | से 10.00 बजे तक किया जा रहा है, अवश्य सुनें। समाज किशनगढ़ द्वारा सामूहिक वात्सल्य-भोज के साथ- | नोट : यदि आपके शहर में 'साधना चैनल' न आता साथ दो दिवसीय गोष्ठी का सफल आयोजन हुआ। जिसमें || हो तो कृपया मोबाइल नं. 09312214382 पर अवश्य गोष्ठी-संयोजक अनिल गंगवाल व नेमीचन्द्र जी भौच के ( सूचित करें। 32 जुलाई 2005 जिनभाषित Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.524298
Book TitleJinabhashita 2005 07
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRatanchand Jain
PublisherSarvoday Jain Vidyapith Agra
Publication Year2005
Total Pages36
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Jinabhashita, & India
File Size5 MB
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