SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 41
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir मा ४] માંડવગઢ સંબંધી લેખ [१५५] (२३) श्री तपापक्ष भट्टारक श्री विजयदेवसरिः श्री विजयसिंहमूरिभिः प्रतिष्ठितं ॥ संवत् १६९६ वर्षे माघ मासे कृष्ण पक्षे प्रतिपत्कर्मवाट्यां श्री मंडपदुर्ग श्रीमन्नागपुरीय तपागच्छे श्री पासचंदसरिगुरुभ्यो नमः श्री जयचंद्रसूरिविजये। साह घेता भा. षोषी सुत वसंदेवा भा.-सिवालेखा"....."तां कारितं मरमुंज............... सोमजी एभिः बिंबं-प्रतिष्ठापितं श्रीमाली गोत्रे । ___ यह लेख बराणपुर में श्री चन्द्रप्रभुस्वामी की श्वेतपाषाण की २॥ फुट ऊंची मूर्ति पर है। पृष्ट ९७ नं. ९ । (२४) श्री तपागच्छे भट्टारक श्री विजयदेवसरिः श्री विजयसिंहमूरिभिः प्रतिष्ठित ॥ संवत-१६९६ वर्षे माघ मासे कृष्ण पक्षे १ तिथौ श्री मंडपदुगै। श्रीमन्नागपुरीय तपागच्छे श्री पासचंद्रसूरिगुरुभ्यो नमः भट्टारक श्री जयचंद्रसरि आ। श्री विजयचंद्रकृते। साह घेता। भा.। खोखी सुत वसंदेवा शिवा । लेखा । एभिः..... यह लेख बराणपुरमें गोडीजीके मंदिर में पश्चिम बाजू श्वेतपाषाणकी मूर्ति पर है । गृष्ठ ९८ नं. १० (२५) श्री तपागच्छे भट्टारक श्री विजयदेवमूरिः आचार्य श्री विजयसिंह सूरिभिः प्रतिष्ठितं ॥ संवत १६९६ वर्षे माघ मासे कृष्णपक्षे प्रतिपत्कर्मवाटयां चन्द्रवासरे श्री मंडपदु श्रीमन्नागपुरीय श्रीमबृह तपागच्छाधिराज भट्टारक युगप्रधान श्रीपासचंद्रसूरिस्तत्पट्टावतंश श्री श्री श्री विमलचंद्रसूरीणां पट्टालंकार श्री विजयचंद्रसरिअ॥ वा. श्री विजयचंद्रकृते । साह खेता भार्या षोषी सुत वसंदेवा भा. देवलदे से. शिवा भा। पलाणदे......... यह लेख बराणपुरके श्री गोडीजीके जैन मंदिरमें एक मूर्ति पर है। पृष्ठ ९८ नं ११ 卐 For Private And Personal Use Only
SR No.521526
Book TitleJain Satyaprakash 1937 11 SrNo 28
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJaindharm Satyaprakash Samiti - Ahmedabad
PublisherJaindharm Satyaprakash Samiti Ahmedabad
Publication Year1937
Total Pages44
LanguageGujarati
ClassificationMagazine, India_Jain Satyaprakash, & India
File Size19 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy