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________________ १८८ अनुसन्धान-६४ पश्चिम दिश हनुमंतनि पूजा, चाली अती घणुं चावी रें, लोक अनेक मिलें तिहां पर्वे, मिथ्यात्वि बहु भावि रें. जंबूद्वीप... ७ कुबेरदिशि कांतेसर कहिइं, वरतिया देहडि लहिइं रें, श्रावणमासें सोमदिने बहु, तमासगीरी गहगही[ए] रें. जंबूद्वीप... ८ वप्र सरिखा तिहां घणुं सोहे, कांगरा देखी मन मोहि रें, उंचा मोहोल अनोपम राजै, कील्लो अतीहि छाजे रें. जंबूद्वीप... ९ सोभे तापी तस हेठे ताजी, नारिओ धोवे झाझी रें, स्वदेशी परदेशी तिहां किण, वाहिण रह्या तिहां गाजि रें.जंबूद्वीप... १० लाठ हरामिने कंठी-छोडां, कपटि जण पण केता रें, अवलचंड उच्चका बहुला, ते पिण तिहां सूखस्याता रें. जंबूद्वीप... ११ श्रद्धावंत विवेक(की) सूगुणा, गुणीजनना बहु रागी रें, शक्तै व्रत धरता दृढधर्मा, सूत्रार्थानुविभागि रें. जंबूद्वीप... १२ जीवादिक बहु भेदनें जांणे, गुरुसेवा मन आंणे रें, पोसह पडिकमणे घणु रसिआ, विधि करें शास्त्रप्रमाणे रें.जंबूद्वीप... १३ पंचमि प्रमुख तणां उजमणां, करे बहु भक्ति उदार रें, चोरासि गच्छनें पिण १३चोंपें, वेहेरावे सूविचार रें. जंबूद्वीप... १४ श्रीसी(सि)द्धाचल आबूगढना, जिहां किण संघपति राजै रें, सासन-सोह चढावण सुरा, निज कुलमां घणुं छाजै रें. जंबूद्वीप... १५ दिनकरणीमां देव जूहारे, शक्ति तणे अनुसार रें, सूरजमंडण पास जोहारें, धर्मप्रभू चित्त धारे रें. जंबूद्वीप... १६ शंभवनाथ स्तवें हित आंणी, माहावीर उपगार जांणी रें, अभिनंदन आणंदे पूजें, चिंतामणी चित्त आंणी रें. जंबूद्वीप... १७ नाहना अजित जिणंदनें प्रणमें, प्रेमजी घरे प्रभू पासे रें, मोटा अजित जिणेसर राया, नमें नित मन उल्लासिं रें. जंबूद्वीप... १८ देशाईपोले दोलतदाई, चंद्रप्रभु चित्त लाई रें, आदिसर अलजे पूजीनें, उंबरवाडे आई रें. जंबूद्वीप... १९ शांतिकरण श्रीशांतिजिणंदा, भेटे भक्ति अमंदा रें, नवेपूरे पंचम जिन पूजी, ओलि छापरिआ आवंदा रें. जंबूद्वीप... २० सईदपूरामें सबले सार्जें, शांतिजिणेसर भा0 रें, . गढे श्रीजिन आगलिं, बहुलि भावना भावै रें. जंबूद्वीप... २१ Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.520565
Book TitleAnusandhan 2014 08 SrNo 64
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShilchandrasuri
PublisherKalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
Publication Year2014
Total Pages298
LanguageSanskrit, Prakrit
ClassificationMagazine, India_Anusandhan, & India
File Size4 MB
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