SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 70
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ (६३) १२. ढूंक नोंध १. वाचक उमास्वाति( ? )नुं वधु एक पद्य : अगाउ (अनुसन्धान ३-४मां) वा. उमास्वातिजीनां अज्ञात पद्यो विशे नोंध आपी छे, तेना अनुसंधानमां ज एमनुं एक वधु पद्य अत्रे नोंधq प्राप्त छे. आ पद्य पण पूर्ववर्णित पद्योनी जेम ज श्री उमास्वातिजीनी प्राप्त-प्रसिद्ध एवी कोई कृतिमां उपलब्ध थतुं नथी. आध्यात्मिक अथवा अभ्यन्तर शौचनो महिमा करतुं नीचे आपेखें आ पद्य, 'उत्तराध्ययन सूत्र 'ना १२मां 'हरिएसिज्ज' नामे अध्ययननी ३९मी गाथानी पाइय टीका (शान्त्याचार्यकृत)मां तथा उपाध्याय भावविजय कृत वृत्तिमां सन्दर्भित छे: १. तथा च वाचक: शौचमाध्यात्मिकं त्यक्त्वा भावशुद्ध्यात्मकं शुभम्। जलादिशौचं यत्रेष्टं, मूढविस्मापकं हि तद्॥ (पाइयटीका) २. आह च वाचकमुख्यः शौचमाध्यात्मिकं त्यक्त्वा० ॥ (भावविजयकृत वृत्ति) २. शुं आ गप्पुं गणाय ? विचारवलोणुं परिवार (वल्लभविद्यानगर) तरफथी श्री अशोक शर्मा- अनूदित, आल्बर्ट आइन्स्टाइनना चिन्तनना लघु संग्रहरूप पुस्तिका, नामे 'ज्योतिर्गमय', ताजेतरमा प्रगट थई छे. आना 'प्रकाशकीय'मां श्री महेन्द्र चोटलियाए एक घटना टांकी छे; ते नीचे प्रमाणे छे : 'आइन्स्टाईन पोतानी प्रयोगशाळामांथी बहार नीकळी रह्या हता. एकाएक क्यांकथी एक पत्रकार आवी चड्यो. लागलुं ज पूछ्युं, "प्रोफेसर आइन्स्टाईन, आजे सवारे नास्तामा तमे शुं लीधेनुं ?" "कोफी अने टोस्ट....." आटला उत्तरने अटकावी देतां पत्रकारे का , "बस, थेन्कयु," अने चालती पकडी. पांच वर्ष बाद आइन्स्टाईन प्रयोगशाळामांथी नीकळी रह्या हता त्यारे पेलो पत्रकार फरी आवी चड्यो, अने पूछ्युं, "शानी साथे ?" "बे इंडां साथे", आइन्स्टाईने सहजताथी उत्तर आप्यो. "वन्डर फुल !" पत्रकारे उद्गार काढ्यो, अने जतो रह्यो. में आ प्रसंग सांभळ्यो त्यारे पहेलीवार आइन्स्टाईननुं नाम सांभळेलु, अने बोली जवायेखें, "वन्डरफुल !" . Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.520505
Book TitleAnusandhan 1995 00 SrNo 05
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShilchandrasuri
PublisherKalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
Publication Year1995
Total Pages110
LanguageSanskrit, Prakrit
ClassificationMagazine, India_Anusandhan, & India
File Size6 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy