SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 8
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 254 दादीमा बोखा मोढे ओ चावी शकतां नहीं. अटले लोजर्नु भाणुं बंध करीने एकाद महिनो रसोयो राखी जोयो, पण एय फाव्युं नहीं. अथी में ज बन्ने टंकनी रसोई बनाववानुं नक्की करी लीधुं.' हरिवल्लभने पहेलेथी ज कोई काम करवानी आळस नहीं. रसोई करवामां आमने न तो कंटाळो आवतो, न तो शरम आवती.... तेओ कहे छे : 'मने नानपणथी ज हाथे काम करवानी टेव हती. त्यारे तो हुं कूवामांथी पाणी सींचतो, सवारे नदीओ जईने कपडां धोई नाखतो अने बीजां नानांमोटां घरकाम पण करतो. ओ वखते में रसोडा, काम तो नहोतुं कर्यु, पण दादीमाने चूलो फूंकतां अने रसोई करतां जोतो खरो.' बाल्यावस्थामां जाणेअजाणे हरिवल्लभे करेलुं आ निरीक्षण युवावस्थामां ओमने काम लागी गयुं. जो के अमणे चूलो तो नहोतो फूंकवो पड्यो पण लांबा समय सुधी सगडी पेटाववी पडेली. तेओ कहे छे : 'मुंबईमां तो मारे त्यां स्टव हतो अटले रसोई करवामां झाझी माथाकूट थती नहोती, पण युद्धना दिवसोमां केरोसीननी घणी तंगी हती. बजारमा केरोसीन मळतुं नहोतुं. केरोसीन वगर स्टव केवी रीते पेटाववो ? में सगडी पेटाववानुं शरु करी दोधुं. केरोसीनमां पलाळेली काकडी मूकीने सगडी सळगावतो अने दाळचोखानुं आंधण चडावी देतो.' अत्यारे तो प्रेशर कूकरनी सगवड छे अटले दाळचोखा झटपट रांधी शकाय छे, परंतु ते समये कूकर नहोता. छतां समयनी बचत करवा हरिवल्लभ ओकसाथे ज दाळचोखा चडावी देता. पाककळामां निष्णात बनी गयेला हरिवल्लभ रसोईना कीमियाओ विशे वात करी रह्या छ : 'हुँ एक तपेलीमां दाळ अने बीजी तपेलीमां चोखा मूकी देतो. पछी बन्ने तपेली एक पर एक रहे ते रीते सगडी पर एक साथे गोठवी देतो.' सगडी पर दाळचोखा चडतां तो सहेजे कलाक नीकळी जाय. अटले त्यां सुधी | करवू ? ___....त्यां सुधी हुं फरवा नीकळी जतो.' आम कहीने हरिवल्लभ भायाणी अतीतमां सरी जाय छे : 'मुंबईमां गुलाबदास ब्रोकर, मनसुखलाल झवेरी अने अमृतलाल याज्ञिक जेवा मारा मित्रो हता. हुं एमनी साथे जुहु सुधी फरवा जतो. क्यारेक गोकळीबाई स्कूलना मेदानमां अमे वोलीबोल Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229733
Book TitleAnek Durghatanaomathi Sarjayeli Ghatna Etle Harivallabh Bhayani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorUtpal Bhayani
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages16
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size423 KB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy