SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 66
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 187 143. हवे श्रीप्रथमसवामीना टुंकना देरा-देरी नानी-मोटी 364, तेना मधे प्रतमा 3292 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीविमलवसईना देरा-देरी नानी मोटी 92, तेना मधे प्रतमा 180 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीमोतीवसईना देरा-देरी नानी मोटी भमती सीखे देरा 57, तेना मधे प्रतमा 1991 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीबालावसई मधे देरादेरी नानी मोटी भमती सीखे देरी 20, तेना मधे प्रतमा 309 ने मारो नमसकार छे. तथा मोदीवसई मधे देरा देरी भमती सीखे 59, तेना मधे प्रतमा 525 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीवखतवसई मधे देरादेरी नानी मोटी भमती सीखे देरा 47, तेना मधे प्रतमा 354 ने नमसकार छे. तथा श्रीहेमावसई मधे नंदीसरधीपना देरा देरी नानी मोटी देरा 55, तेना मधे प्रतमा 276 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीसाकरवसई मधे देरादेरी नानी मोटी देरा 8, तेना मधे प्रतमा 80 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीछीपावसई मध देरा देरी 8, तेना मधे प्रतमा 24 ने मारो नमसकार छे. तथा पांच पांडवनी जगाई देरा 3, तेना मधे प्रतमा 1197 ने मारो नमस०. सहेसकोट जाणवो. तथा श्रीसवासोमजीना वसई मधे देरा देरी नानी मोटी भमती सीखे देरा 179, तेना मधे प्रतमा 841 ने मारो नमसकार छे. तथा श्रीमरुदेवी मातानी वसई मधे देरादेरी 11, तेना मधे प्रतमा 214 ने मारो नमसकार छे. 144. श्रीसीधाचलजी तथा श्रीपालीताणे नगर मध सरवे देरा-देरी नानी मोटी देरा 900, तेना मधे प्रतमा १०५००ने मारो नमसकार छे. सरवे जाणवा. तथा पगलानी जोड 8000 सरवे थईने छे, आसरे. 145. ऐ फरमा मधे ओछो-अधीको भुल चुक प्रभुनी आणाविरोध लखाणो होई ते अनत कल्याणी श्रीसंघनी साखे मीछामीदुकडं. बीजु अमो ऐ फरमो प्रभुनी पलोठी वांचीने तथा केटलीक वात पुछीने अमारी बुधी प्रमाणे उतारेओ छे. ते पंडीत होऐ ते सुध करजो. तेमां घणो लाभ छे. सवंत 1908 ना वरषे पेला भादरवा वद 8 दने संपुर्णः / लखतं सां. मालजी नागजी कछी / / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229719
Book TitleSiddhachal Tirth Chaitya Paripati
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMalji Nagji Kacchi
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages66
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size999 KB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy