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अनुसन्धान ५० (२)
इ ने दीर्घ इकारान्तसूचक मात्रा लगाडेल छे. दा.त. बाइी. 'ल'वर्ण आजनी गुजराती वर्णमाळा जेवो ज छे.
सारांश : वि.सं. १७३०मां दिल्ही (शाहस्यांहानाबाद)ना तख्ते औरंगझेब हतो अने तेना समयमां अमदावाद खातेना जुदाजुदा खाताओना अधिकारीओ तथा नगरशेठना नामोल्लेख होवाथी, ओ समयनी शासनव्यवस्था तथा अधिकारीओ बाबतेनी माहिती सांपडे छे. दस्तावेजनी १ थी १० लीटीओमां दस्तावेजनो समय तथा राज्यव्यवस्था अने अधिकारीओनो विगते उल्लेख छे. प्रस्तुत दस्तावेज ओक हाटने गिरवे मूकवा बाबते छे, तेनी जाणकारी प्राप्त थाय छे. औरंगझेबे पोतार्नु उपनाम (तखल्लुस) महिददीन महिम्मद औरंगझेब बहादुर आलमगीर पादशाह गाजी राखेल हतुं ते विगत पण अहीं सांपडे छे.
पंक्ति ११ अने १२मां गिरवे रखानारी हाट- स्थान दर्शाव्यं छे. त्रिपोलीआना अंदरना भागमां आवेल नानी दोशीहटीमां आवेल पंचहटी विस्तारमां आवेली आ दुकान छे.
'मिराते अहमदी'मां अमदावादना स्थळोना उल्लेखो जोतां, अमां 'त्रिपोलीआ' त्रण दरवाजा माटे वपरातो शब्द जणायो छे. भद्रथी त्रणदरवाजा वच्चेनो विस्तार 'खास बजार' नामो ओळखातो, त्रणदरवाजाथी आजे जे रीचीरोड के गांधीरोड तरीके ओळखाय छे ते बजारनो भाग होवानुं जणाय छे. आजे 'दोशीवाडो' छे. दोशीहटी – नानी के मोटी - नथी. जोके, आजेय दोशीवाडानी बहारनो भाग (फतासापोळ अने ढीकवाचोकीनो ढाळ उतरतां) बजार ज छे, वळी, संवेगीना उपाश्रयमांथी प्राप्त थयेल अन्य दस्तावेजो हाजा पटेलनी पोळना घरोना वेचाणना छे. आ दस्तावेज पण त्यांनो छे अटले आ दुकाननुं स्थळ प्रायः दोशीवाडानी बहारना भागथी हाजा पटेलनी पोळना छेडे आवेल टंकशाळनी पोळ सुधीना विस्तारमां आवेल होवू जोईओ. वळी, दस्तावेजमां खूटनी विगतोमां, हाटनी पछीते, पूर्व दिशाओ मुसलमान दरजीना घर होवानी विगतो छे. आजे पण ते विस्तारमा दरजीनी दुकान तथा घर होवा विशे तो आ लखनार ते विस्तारमा रह्या होईने (५० वर्ष पहेलां), एनी जाणकारी छे. छेल्लां वर्षोमां वस्तीना फेरफारो घणा छे.
पछीनी १३ थी १६ लीटीओमां हाट गिरवे आपनार तथा लेनारनी