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________________ अनुसंधान - २० छंदक्र. १ २ २ m m m m ३ ३ 20 ४ नासे पहिलाथी फोजा फीटी डुंगर करे प्रवेश मेवाडे देसे भूले चूके मत करज्यो परवेस ॥८॥ जिहा डायण सायण गोगा मोगा भूतप्रेत असंख्य तसकर पासीगर घणा ठगारा ते वली घाले खंग । गछनायक साहिब एक उदेपुर विना मत दीज्यो आदेस मेवाडे देसे भूले चूके मत करज्यो परवेस ||९|| इणविध मेवाडको कवित कविजिनेंद्रकृत छंद । एक उदेपुर हे भलो सो रहज्यो चिरंनंद ॥१०॥ इति संपूर्ण १९५३ पोस वदि १ लि. पं. केसरकुसल । चरण Jain Education International शब्द दोझाणो मक्की रोटा लुका सुका काठा भाठा वतका छोटी, मोथां पट्टा जट्टा भुहडा पीलरीया विल्लरीया ओझाहीन बरीया For Private & Personal Use Only अर्थ दूझणुं गायभेश मकाईना रोटला लूखा सूखा झांखरा-- कांटा पथरा चोटी, लांबा वाळ (?) माथां मस्तक जटा (?) मों- मुख पीळा-फिक्का (?) 101 ओज-रहित (?) www.jainelibrary.org
SR No.229400
Book TitleKetlik Prakirna Laghu Rachano
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShilchandrasuri
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages8
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size275 KB
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