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________________ 69 कठिन शब्दार्थ (कौंसमां आपेल प्रथम अंक कडी क्रमांक अने बीजो अंक चरणनो क्रम दर्शावे छे.) अउखउ (१२५,१) आयुष्य | खंजनी (२३,३३) ढोलियो, एक अदीठ (६०,४) अदृश्य करवं, मारी | प्रकारनुं बेसवार्नु आसन नाखवू गात (७८,२) गात्र, अंग अनाबाध (१३१,१) मुश्केली (बाध) गेह (८३,४) गृह, घर वगर गोधुलक (९४,४) गोरजनो समय अपछरा (८५,४) अप्सरा, परी चंगेरी (१०५,२) फुलदानी अर्जीयउ (५९,३) कमावू, रळवू झति (१११,४) झडपथी, त्वराथी अरउ (२२,१) आरो (जैन धर्ममां त्रिपति (५३,४) तृप्ति काळना छ भाग पाडी दरेक दह (३०,२) झरणु भागने आगे कहे छे) दुरवातई (५१,४) खराब पवनथी असि (४२,४) तलवार दुहेली (५३,४) मुश्केलीथी अहिनाण (७६,२) निशानी, ओळख दीनरउ (९४,३) दिवस चिह्न ध्रम (१२५,४) धर्म अंब (५१,४) आंबो पडवज्यउ (१२४,३) स्वीकार करेलुं , आऊखउ (१८,३) आयुष्य ___ कबुल करेलु आधक्ष (१२२,२) अध्यक्ष, नगरशेठ | परगडउ (१३०,३) प्रगटवू आस्या (५५,३) आशा पुरंदर (८५,२) इंद्र उच्छाह (१२८,४) उत्साह, उमंग बगसीस (११०,४) बक्षिस उछाहि (१०३,४) आनंद, हर्ष मुडी (३७,४) तुटवू , कापवू कल्पांत (२१,२) प्रलय मुढ (७०,२) मूर्ख, गमार कारिज (८०,४) कार्य मेटी (२३,२) मोटी कुंकर (५२,३) कुतरा रंज्यउ (११६,४) आनंदित थर्बु, खुश थQ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229389
Book TitleDamannaka Kul Putrak Ras
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKalpana K Sheth
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages22
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size404 KB
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