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________________ जून २००८ ४. जिनवर्णनाम पउमाभा वासुपुज्जा रत्ता ससिपुप्फुदंत गोरा य । सुव्वयनेमी काला पासो मल्ली पियंगाभा ॥११॥ ४-जिन २४ना वर्ण कहइ छइ. पद्मप्रभ छट्ठा वासुपूज्य बारमा ए २ राति वर्ण. चंद्रप्रभ सुविधिनाथ ए २ चंद्रमानी परि श्वेतवर्ण, मुनिसुव्रत नेमिनाथ कालइ वर्णइ. पार्श्वनाथ मल्लिनाथ ए २ नीलइ वर्ण. ॥११॥ वरकणगतवियगोरा सोलस तित्थयरा मुणेयव्वा । एसो वनविभागो चउवीसाए जिणवराणं ।।१२।। प्रधान सुवर्ण तपाव्यो तेहनी परिं पीलइ वर्ण शेष सोलसइ तीर्थंकरना देहनां वर्ण जाणिवा. ए वर्ण विचार सर्व चउवीस जिनवरना कह्या. ॥१२॥ ५-जिनावगाहनानाम उसभो १ पंचधणुस्सय नव पासो २३ सत्त रयणिओ वीरो २४ । • सेस? ८ पंच ५ अट्ठय ८ पन्ना ५ दस १० पंच ५ राहीणा ॥१३।। पू-२४ जिननउ देहमान कहइ छइ. ऋषभ पांचसय धनुष उत्सेध आंगुल ऊँचा. नव हाथना ऊँचा पार्श्वनाथ. सात हाथना ऊँचा श्रीमहावीरदेव चउवीसमा, बीजाथी आठलगि, तथा दशमाथी पांच लगि, पनरमाथी वली आठ जिन लर्गिपंचास धनुष, दश धनुष, पांच धनुष. अनुक्रमइ त्रिहुं ठामे ओछा करीइं ॥१३॥ ६-जिनायु: चउरासीई १ बिसत्तरि २ सट्ठी ३ पन्नास ४ मे(चे)व लक्खाई । चत्ता ५ तीसा ६ वीसा ७ दस ८ दो ९ एगं च १० पुव्वाई ।।१४।। ६-२४ जिनना आऊषो कहइ छइ. चउरासी लाख पूर्वनो आयु ऋषभनो, ७२ लाख पूर्वना आयुः, ६० लाख पूर्वनउ, पचास लाख पूर्वनउ आऊषओ निश्चइ, चालीस लाख पूर्वनउ, ३० लाख पूर्वनउ, २० लाख पूर्वनउ, दसलाख पूर्वनो, २ लाख पूर्वनो, एक लाख पूर्वनउ आयु दशमानो. !!१४।। चउरासीई ११ बावत्तरी य १२ सट्ठी य १३ होइ वासाणं । तीसा य १४ दस १५ एगं १६ एवम(मे)ए सयसहस्सा ॥१५॥ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229364
Book TitleShatpanchashitika Sangrahini
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDharmkirtivijay
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages18
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size623 KB
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