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________________ पूर्वप्रकाशित ग्रन्थ । १ लघीयस्त्रयादिसंग्रह--इसमें भट्टाकलंकदेवकृत लघीयस्त्रय सटीक, आचार्य अनन्तकीर्तिकृत लघु सर्वज्ञसिद्धि और बृहत्सर्वज्ञसिद्धि, तथा अकलंकदेवकृत स्वरूपसम्बोधन इन चार ग्रन्थोंका संग्रह प्रकाशित हुआ है । मूल्य ।) २ सागारधर्मामृत सटीक-पण्डित प्रवर आशाधरका यह प्रसिद्ध ग्रन्थ उनकी भव्यकुमुदचन्द्रिका टीका सहित छपा है । मूल्य ।) प्रकाशित होनेवाले ग्रन्थ । - ४ पार्श्वनाथ चरित–महाकवि वादिराज सूरीकृत मू० ।-) ५ मैथिलीकल्याण नाटक-कवि श्रीहस्तिमल्लकृत मू० =) नोट-ग्रन्थमालाके सब ग्रन्थ बम्बईके सब जैन बुकसेलरोंके पास शोलापुर जैन बुकडिपोमें और दिगम्बर जैन पुस्तकालय सूरतमें मिल सकेंगे। निवेदकनाथूराम प्रेमी, मंत्री हीराबाग बम्बई।
SR No.090536
Book TitleVikrantkauravam
Original Sutra AuthorN/A
AuthorHastimall Chakravarti Kavi, Manoharlal Shastri
PublisherManikchand Digambar Jain Granthamala Samiti
Publication Year1916
Total Pages182
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Story
File Size10 MB
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