SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 13
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ विषय परिच्छेद परिच्छेद लोक ३ १५ जाति १ सस्कर कवि तुल्ययोगिता स्टान्त दीपक देशकालादिविद्ध [ २ ] लोक | विषय ४ : मध्ये १२ | मान। यतिभ्रष्ट यथासंख्य ९८ | समक रचनाभ्यास " रसभेद रीतिभ्रष्ट रूपक नामकद मागिकाभेद पददोष ( युग्मक) परकाव्यप्रदेण्यदोष पद्मबन्ध (सचित्र ) परिवृत्ति परिसंख्या पर्यायोक्ति पूर्वानुराग प्रतिमा प्रतिवस्तुपमा प्रवास प्रश्नोत्तर प्रसति बन्धचासत्वहेतु विन्दुच्युत सरीभत्स भयानक भाषाचतुष्टय भ्रान्तिमान मानाच्युतक लाटानुप्रास कोक्ति १४१ । वायदोष १०७ वाक्यविध्य विप्रलम्भ विभावना विरोध विषम ११६ धीर ११ वैदी म्यानच्युतचित्र व्यतिरेक व्यस्ससम्बन्ध व्याहतार्थ व्युत्पत्ति शान्त शार १.
SR No.090529
Book TitleVagbhattalankar
Original Sutra AuthorVagbhatt Mahakavi
AuthorSatyavratsinh
PublisherChaukhamba Vidyabhavan
Publication Year
Total Pages123
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Literature
File Size2 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy