________________
दशमोऽधिकारः
[३८१
उपर्युक्त ५२ चैत्यालयों का चित्रण निम्न प्रकार है :
बलिकर
सिकर
647
-
-
-
प्रब नन्दीश्वरद्वीप के स्वामी कहते हैं :
द्वीपस्य प्रवरस्यास्य स्यातां देवी सुरक्षको ।
जिमभक्तिपरौ नित्यं शुद्धप्रभमहाप्रभो ॥३५१॥ अर्थ:---जिनेन्द्र भगवान की भक्ति में परायण प्रभ और महाप्रभ नाम के दो देव इस महान नदीश्वर द्वीप की रक्षा करते हैं।।३५१ ।।