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________________ क लाटतातलामामामanbidihati अध्याय : नौवां । [ ७७५ भविष्यकाल में अर्थात् उत्सपिरणो के दुषमा सुषमा नामा लोसरे काल में होने वाले २४ तीर्थकरों के नाम प्राधि | भविष्यकाल में | इन तीर्थंकरों के । प्राय उत्सपिणी | उनके शरीर उनकी आयु अर्थात् उत्स- जीव पिछले काल के तीसरे | की ऊंचाई | कितने वर्ष पिरणी काल में | भव में कौन थे?] काल में कहां से कितनी की होगी ? होने वाले उनके आकर तीर्थकर | होगी। चौबिस तीर्थंकरों नाम | के नाम पहले नरक से ७ हाथ ११६ nAmasmirtelaxatistiaadiwasinilioenkaianimalwww १. महापा श्रेरिपकराजा २. सरदेव सुपार्श्व ३. सुपाव ४. स्वयंप्रभ प्रौरिष्ठल ५. सवत्मिभूत कृतसूर्य (कट) (सर्वप्रभ) ६. देवपुत्र (देवसुत) क्षत्रिय - ७. कुलपुत्र पाविल (श्रेष्ठी) (कुलसुत) .८. उदक (उदक) शंख ६. प्रौष्ठिल नन्द (नन्दन) १०. जयकीति सुनन्द ११. मुनिसुव्रत शशांक १२. अर (अप्तम.) सेवक १३.. निष्पाप . प्रेमक (अपाप) १४. निष्कषाय अतोरण १५. विपुल रैवत (विमल)
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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