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विमलनाथ तीर्थकर का सीर्थ प्रवसनकाल सागरीषभ +१५ लाख वर्षों में से ३/४ पल्य कम इतना काल प्रभार समझना चाहिये।
अध्याय नौवा ]
अनन्तनाथ
धर्मनाथ
३
+२५.००००
१
/४ पल्प ,,
साहितासाथ
१/२ माथा पन्य १२५० वर्ष प्रमारा समझना चाहिये।
कुम्भुनाथ
१/४ पाच पल्म में से ६६६.८.६६७२५० वर्ष पाने पर जो बाकी रहेगा. उसना काल प्रमास सम्भमा ।
प्ररहमाथ
एक हजार करोड़ वर्षों में से . ३३६० बर्ष कम पर्यात् ५५६६६६१०० वर्ण काल प्रमास समझना।
मल्लिनाथ
५४४७४०० वर्ष काल प्रमाण समझना चाहिये।
३०.३० वर्ष
मुनिसुबल নাশা
५०१०३
पाश्र्वनाथ
२७ वर्ष,
२४
महावीर
२१०४२ वर्ष काल प्रमाण समझना अर्थात पंचम काल के यत समय में जब ई ई मांस और १५ बाकी रहेगा, तब तक महादीर भगवान का तीर्थ प्रयत काल रहेगा।
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