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________________ RAMITRATORS तीर्थंकरों के दीक्षा-परिनष्क्रमण-तपकल्याणक दीक्षा तिथि इत्यादि- दीयातपोजन-उद्यान दीक्षा के वृक्ष दीक्षा के समय ७५० ] कमाक दीक्षा समय दीक्षा नक्षत्र दीक्षा पालकी नगरों के बनों-उत्थानों का नाम नाम के नाम । नक्षों उपवास का कितने राजापों विक्षों को ऊंचाई वैराग्य का निमित्त नियम उतरने दीक्षा ली धनुष प्रमाण कारण । पु० से व ची। हरिवंश पु. ___wj ५ ६ ७ । ३५ | | | | १ अपराह्न उसरापाडा लुदर्शन प्रयाम सिद्धार्थ-वन वट वृक्ष रोहस्थी सुप्रभा अयोध्या सहेतुक- सप्तच्छद . सहसाम्र ज्येष्ठा सियार्था थावस्ति शाल वृक्ष ६००० नीलांजना की मृत्यु ६ मास का चार हजार उपवास ५४०० उल्कापात देखना षष्टममरू एक हजार (बेला) ४००० मेघ पटल का नाश दो दिनका पा पुनर्वसु मघा ५ पूर्वान्ह हस्तचित्रा अयोध्या उपोद्यान , , अभयकारी , सहेतुक , निबंधु ४२०० गंधर्व नगर का नाश ३६०० पूर्व भव का स्मरण तेला तीन दिन का दो दिनका ॥ ६ अपराह्न चित्रा विशाला अनुराधा " निवृतकारी कौलवी मनोहर , " सुमनोगति कात्रो सहेतुक , शिरीष विमला चन्द्रपुरी सर्दक , नागतरू सुर्यप्रभा कासम्ची पुष्पक मालवृक्ष शुक्रप्रभा भद्रिलापुर सहेतुक पलाश्च विमलपना सिंहनादपुर मनोहर लिन्दुक पुण्यमा चम्पापुर मोडोद्यान पाटलतरू २४०० वन लक्ष्मी का नाश १८०० बिजली का देखना १२०० उल्का पास देखना १०८० हिम का नाश देखाना ६६० वन लक्ष्मी का नाच . ५४० पूर्वभव का स्मरण [ गो, प्र. चिन्तामणि , पूर्वापराला ११ पूर्वान्ह १२ अपराह्न विशाखा एक उपवास ६७६ ।।
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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